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मथुरा: अनुसूचित समाज के लोगों पर हमले के आरोपियों को सात दिन बाद भी नहीं पकड़ सकी पुलिस

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सार

अनुसूचित समाज के लोगों पर हमले के सात दिन बाद भी पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी करने में नाकाम है। वहीं पीड़ित पीड़ित परिवार पुलिस की कार्यशैली से संतुष्ट नहीं है। 

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मथुरा जिले के गांव अड्डा में अनुसूचित समाज के लोगों पर हमले के आरोपी घटना के सात दिन बाद भी पुलिस की पहुंच से दूर हैं। इससे समाज के लोगों में भय व्याप्त है। फरार आरोपी हमला न कर दें, इससे वो मजदूरी करने भी नहीं जा रहे हैं। परिवार के लोग पुलिस सुरक्षा के बीच घर पर ही रहने को मजबूर हैं।
 
मगोर्रा क्षेत्र के गांव अड्डा में हाथी पर वोट देने को लेकर 20 फरवरी को जाति विशेष के लोगों ने अनुसूचित समाज के परिवार पर जानलेवा हमला बोल दिया था। महिलाओं, बच्चों सहित आधा दर्जन लोग घायल हुए थे। क्रांति देवी पत्नी जगराम ने लव कुश, त्रिलोकी, मेघश्याम, रोहताश, आकाश, विकास उर्फ कल्लू, प्रहलाद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। 

पुलिस बोली- प्रयास किए जा रहे हैं 

वारदात के सात दिन बाद भी पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी करने में नाकाम साबित हुई है। पीड़ित पीड़ित परिवार पुलिस की कार्यशैली से संतुष्ट नहीं है। गोविंद ने बताया कि पुलिस आरोपियों से मिली हुई है। थानाध्यक्ष मनोज शर्मा का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। उनके ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।  

सच्चाई बताने से डर रहे लोग

अनुसूचित समाज के लोगों पर हमले के मामले में वांछित आरोपियों का इतना खौफ है कि गांव वाले भी सच्चाई बताने से डर रहे हैं। घटनाक्रम के पीछे की वजह कई ग्रामीणों से जानने की कोशिश की, लेकिन उनके भय से कोई कुछ बोलने तक को तैयार नहीं है।

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विस्तार

मथुरा जिले के गांव अड्डा में अनुसूचित समाज के लोगों पर हमले के आरोपी घटना के सात दिन बाद भी पुलिस की पहुंच से दूर हैं। इससे समाज के लोगों में भय व्याप्त है। फरार आरोपी हमला न कर दें, इससे वो मजदूरी करने भी नहीं जा रहे हैं। परिवार के लोग पुलिस सुरक्षा के बीच घर पर ही रहने को मजबूर हैं।

 

मगोर्रा क्षेत्र के गांव अड्डा में हाथी पर वोट देने को लेकर 20 फरवरी को जाति विशेष के लोगों ने अनुसूचित समाज के परिवार पर जानलेवा हमला बोल दिया था। महिलाओं, बच्चों सहित आधा दर्जन लोग घायल हुए थे। क्रांति देवी पत्नी जगराम ने लव कुश, त्रिलोकी, मेघश्याम, रोहताश, आकाश, विकास उर्फ कल्लू, प्रहलाद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। 

पुलिस बोली- प्रयास किए जा रहे हैं 

वारदात के सात दिन बाद भी पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी करने में नाकाम साबित हुई है। पीड़ित पीड़ित परिवार पुलिस की कार्यशैली से संतुष्ट नहीं है। गोविंद ने बताया कि पुलिस आरोपियों से मिली हुई है। थानाध्यक्ष मनोज शर्मा का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। उनके ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।  

सच्चाई बताने से डर रहे लोग

अनुसूचित समाज के लोगों पर हमले के मामले में वांछित आरोपियों का इतना खौफ है कि गांव वाले भी सच्चाई बताने से डर रहे हैं। घटनाक्रम के पीछे की वजह कई ग्रामीणों से जानने की कोशिश की, लेकिन उनके भय से कोई कुछ बोलने तक को तैयार नहीं है।

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