लखनऊ : विश्व पर्यावरण दिवस के विशेष अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य की पर्यावरणीय उपलब्धियों का ब्यौरा साझा किया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले नौ वर्षों के दौरान प्रदेश में वन महोत्सव और विभिन्न अभियानों के जरिए रिकॉर्ड 242 करोड़ से अधिक पौधे सफलतापूर्वक रोपे जा चुके हैं। लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित मुख्य समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने यह बात कही।
वर्ष 2017 के शुरुआती दिनों को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “जब हमारी सरकार ने पहली बार 5 करोड़ पौधे लगाने का संकल्प लिया था, तब हमारे सामने कई व्यावहारिक दिक्कतें थीं। न तो पर्याप्त नर्सरी थीं और न ही इतने बड़े पैमाने पर काम करने का पुराना अनुभव। लेकिन वन विभाग और सरकार के साझा प्रयासों से आज यूपी ने एक मिसाल कायम की है।” उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा तीन वर्ष पहले शुरू किए गए ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की कड़ी को उत्तर प्रदेश लगातार आगे बढ़ा रहा है।
सिंगल यूज प्लास्टिक के खतरों पर बात करते हुए सीएम योगी ने कहा कि केवल पेड़ लगाना ही काफी नहीं है, बल्कि प्रदूषण के कारकों को रोकना भी जरूरी है। राज्य सरकार ने प्लास्टिक को हतोत्साहित करने के लिए ‘माटी कला बोर्ड’ के जरिए कुम्हार और प्रजापति समाज को मजबूत किया है। गांवों के तालाबों से मुफ्त मिट्टी उपलब्ध कराने और सोलर चाक बांटने जैसे कदमों से मिट्टी के बर्तनों का चलन बढ़ा है, जो प्लास्टिक का एक बेहतरीन और सुरक्षित विकल्प है।
पर्यावरण दिवस के मौके पर आज उत्तर प्रदेश के सभी 17 नगर निगमों, 825 विकास खंडों, 762 नगर निकायों और सभी ग्राम पंचायतों में बड़े स्तर पर पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद कुकरैल वन क्षेत्र में 200 से अधिक पौधे लगाकर इस अभियान की अगुवाई की। एक्सप्रेसवे, हाईवे, अमृत सरोवरों और नहरों के किनारे खाली जमीनों पर ग्राम्य विकास, पंचायती राज, कृषि और नगर विकास विभाग के सहयोग से पौधे लगाए जा रहे हैं।








