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कानपुर गैंगरेप केस : चलती कार में 14 साल की नाबालिग से दुष्कर्म, दरोगा भी शामिल

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कानपुर: जिले के सचेड़ी थाना क्षेत्र से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां 14 वर्षीय नाबालिग लड़की का अपहरण करने के बाद गैंगरेप का खौफनाक मामला सामने आया है। इसमें सबसे बड़ी बात ये है कि दुष्कर्म में एक पुलिसकर्मी भी शामिल था। मामले का खुलासा हुआ जिसमें पता चला है कि कुछ युवकों के साथ एक पुलिसकर्मी ने नाबालिग को जबरन कार में ले भागे और में दो घंटे तक उसके साथ सबने बारी बारी से दुष्कर्म को अंजाम दिया और फिर उसे उसके घर के पास फेंक दिया और फरार हो गए।

नाबालिग से गैंगरेप मामले में पुलिस की जांच में दारोगा अमित मौर्या के शामिल होने की पुष्टि हुई। उसने एक युवक शिवबरन संग मिलकर नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया था। आरोपी दारोगा को सस्पेंड कर दिया गया है और फिलहाल फरार है जो भीमसेन चौकी का इंचार्ज है। घटना क्षेत्र की चौकी का इंचार्ज है दरोगा और उसने अपने ही क्षेत्र में दिया घटना को अंजाम। इसके साथ ही एफआईआर दर्ज नहीं करने के मामले में सचेंडी थाना अध्यक्ष विक्रम सिंह पर भी गाज गिरी है। थानाध्यक्ष की भूमिका भी सवालों के घेरे में है और थानाध्यक्ष को निलंबित किया गया है। वहीं दूसरे आरोपी शिवबरन को कानपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

आरोपी दारोगा अमित मौर्य को गिरफ्तार करने के लिए चार टीमें गठित की गई हैं। गिरफ्तार होने पर आरोप पर सख़्त कार्रवाई की जाएगी। मामले की पीड़िता ने आरोपी दारोगा की पहचान कर दी थी, उसके बावजूद पुलिस ने अज्ञात में मुकदमा दर्ज किया था। FIR देर से दर्ज करने पर कार्रवाई की गई है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लिया है।

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लड़की परिजनों ने अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया और पीड़िता के भाई ने बताया, मेरी बहन सोमवार की रात करीब 10 बजे शौच के लिए घर से निकली थी, तभी स्कॉर्पियो और एक बाइक से दो युवकों ने उसे जबरन गाड़ी में खींच लिया। दोनों आरोपी उसे सचेड़ी क्षेत्र मे एक सुनसान स्थान पर ले गए, जहां स्कॉर्पियो के अंदर ही उसके साथ दुष्कर्म किया गया। पीड़िता के भाई ने बताया कि आरोपियों में पुलिसकर्मी भी शामिल था।

करीब दो घंटे तक कार में रखने के बाद, पीड़िता को उन लोगों ने घर के पास फेंक दिया, पीड़िता ने भाई को पूरी घटना बताई और कहा कि उसे धमकी दी गई है कि यदि किसी को भी कुछ बताया तो तुम्हें जान से मार देंगे। पीड़िता के परिवार का कहना है कि जब उन्होंने आरोपियों में पुलिसकर्मी के शामिल होने की बात बताई, तो केस दर्ज नहीं किया गया और उन्हें चौकी से वापस भेज दिया गया। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया जा चुका है। वहीं इस पूरे प्रकरण पर संयुक्त पुलिस आयुक्त आशुतोष कुमार ने कहा है कि जो भी आरोपी होगा तो उस पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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