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वृद्धाश्रमों की बढ़ती संख्या और सूने होते घर चिंताजनक, CM योगी ने जताई चिंता

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुजुर्गों के सामने आने वाली कठिनाइयों पर चिंता व्यक्त करते हुए सोमवार को कहा कि एक ओर घर सूने होते जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर वृद्धाश्रमों की संख्या बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों की सेवा और सहायता करना सनातन संस्कृति का प्रमुख मूल्य है।

विश्व बुजुर्ग दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों के नाम लिखे एक पत्र में मुख्यमंत्री ने कहा, ”यह तथ्य मन को विचलित करता है। आखिर ऐसी स्थिति क्यों उत्पन्न हुई? एक संवेदनशील नागरिक के रूप में हमें इस पर विचार करना चाहिए।” संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, 15 जून को विश्व बुजुर्ग दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस के रूप में मनाया जाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा, ”जिन लोगों ने अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए अपना सर्वस्व समर्पित कर दिया, वे जीवन के चौथे चरण में अकेले पड़ जाते हैं। उन्हें दूसरों पर निर्भर होना पड़ता है।” उन्होंने कहा कि आज के समय में युवा रोजगार और अन्य कारणों से घरों से दूर रहते हैं, जिसके कारण वृद्ध माता-पिता की देखभाल करने वाला कोई नहीं होता। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों को सबसे अधिक अपनत्व की आवश्यकता होती है, लेकिन दुर्भाग्यवश उन्हें अपने ही लोगों के दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ता है।

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आदित्यनाथ ने कहा कि उच्चतम न्यायालय को भी एक आदेश में लोगों को अपने वृद्ध माता-पिता के प्रति जिम्मेदारियों की याद दिलानी पड़ी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन संस्कृति में माता-पिता और गुरु को ईश्वर के समान माना गया है। इस संदर्भ में उन्होंने भगवान गणेश की अपने माता-पिता भगवान शिव और माता पार्वती के प्रति भक्ति का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन धर्म की धार्मिक और सामाजिक परंपराएं पारिवारिक संबंधों और मूल्यों पर आधारित हैं।

उन्होंने कहा, ”सनातन परंपरा में बड़ों के चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद लेने की परंपरा है, क्योंकि वे हमारे अनुभव, संस्कृति और जीवन मूल्यों की सच्ची धरोहर हैं।” आदित्यनाथ ने इस दौरान केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न वृद्धजन कल्याण योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने आगामी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के संदर्भ में कहा कि इस वर्ष का विषय ‘स्वस्थ आयु के लिए योग’ है और बुजुर्गों से शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के लिए योग अपनाने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा, ”यह केवल एक विषय नहीं, बल्कि बुजुर्गों के सम्मानजनक, स्वस्थ और गरिमामय जीवन के लिए एक वैश्विक संकल्प है।”

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