बाराबंकी : घरेलू गैस को लेकर मचे हाहाकार के बीच कालाबाजारी व अवैध रिफलिंग का पहला मुकदमा दर्ज हुआ है। जांच के बाद पूर्ति निरीक्षक की तहरीर पर शहर स्थित एक रिपेयरिंग सेंटर संचालक के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है।
बताते चलें कि क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी आलोक कुमार मिश्रा और पूर्ति निरीक्षक इमरान मन्जूर की संयुक्त टीम ने पानी की टंकी के सामने संचालित उमेश रिपेयरिंग सेंटर पर छापा मारा। मौके पर संचालक उमेश की मौजूदगी में दुकान की जांच हुई। जांच के दौरान टीम ने मौके से 25 घरेलू, 3 छोटे, एक अधोमानक छोटा सिलेंडर, गैस रिफिलिंग मशीन, एक इलेक्ट्रॉनिक कांटा बरामद किए। इनमें अधिकांश घरेलू सिलेंडर खाली थे, जबकि एक सिलेंडर में करीब 10 किग्रा गैस भरी मिली।
पता चला कि संचालक घरेलू गैस सिलेंडरों से छोटे सिलेंडरों में गैस भरकर अधिक कीमत पर बिक्री करता था। मौके पर रिफिलिंग उपकरण और अन्य सामग्री मिलने के साथ ही स्वयं आरोपी ने भी इस काम को स्वीकार किया। दुकानदार द्वारा एक गैस एजेंसी के साथ समझौते का कागज दिखाया गया, लेकिन उसमें एजेंसी के हस्ताक्षर या प्रमाणीकरण नहीं था। संबंधित गैस एजेंसी ने भी ऐसे किसी अनुबंध से इनकार किया है। यह कृत्य आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है। जांच के बाद आरोपी उमेश चन्द्र के खिलाफ कोतवाली नगर में मुकदमा दर्ज करते हुए बरामद सभी सिलेंडर और उपकरण सुपुर्दगी में दे दिए गए हैं।








