लखनऊ : उत्तर प्रदेश में निवेश और तकनीकी सहयोग बढ़ाने को लेकर शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भारत में डेनमार्क के राजदूत रासमस अबिल्डगार्ड क्रिस्टेंसन के बीच महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस दौरान डिफेंस कॉरिडोर, ग्रीन एनर्जी, इंफ्रास्ट्रक्चर, जल प्रबंधन और कृषि जैसे क्षेत्रों में साझेदारी की संभावनाओं पर व्यापक चर्चा की गई।
राजदूत ने प्रदेश में बीते वर्षों में हुए विकास कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश अब निवेशकों के लिए प्रमुख गंतव्य बन चुका है। उन्होंने डिफेंस कॉरिडोर में विशेष रुचि दिखाते हुए रक्षा क्षेत्र में तकनीकी सहयोग और निवेश की इच्छा जताई। साथ ही वेस्ट-टू-एनर्जी, सौर ऊर्जा और हाइड्रोजन तकनीक जैसे क्षेत्रों में भी डेनमार्क की कंपनियों की भागीदारी की संभावना व्यक्त की।
जल प्रबंधन और नदी पुनरुद्धार परियोजनाओं में सहयोग का जिक्र करते हुए उन्होंने आईआईटी (बीएचयू) के साथ चल रही परियोजना की जानकारी दी। शिक्षा, कौशल विकास और एल्डरली हेल्थ केयर सेक्टर में भी साझेदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डेनमार्क की कंपनियों को यूपी में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए भरोसा दिलाया कि सरकार हर संभव सहयोग प्रदान करेगी।








