लगातार हो रही बारिश ने गाजियाबाद में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। शहर की सड़कें और गलियां पानी में डूब गईं, लेकिन इसी जलभराव ने एक परिवार की खुशियां भी छीन लीं। विजयनगर इलाके में पानी से भरी गली में खेलते-खेलते एक तीन साल की मासूम गहरे पानी में समा गई। अस्पताल पहुंचने तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। बुधवार दोपहर से शुरू हुई बारिश गुरुवार तक जारी रही, जिससे कविनगर, शास्त्रीनगर, गोविंदपुरम, लोनी और विजयनगर समेत शहर के कई इलाकों में भारी जलभराव हो गया। कई कॉलोनियों में दो फीट से अधिक पानी भर गया, जिससे लोगों का घरों से निकलना भी मुश्किल हो गया।
पुलिस के मुताबिक, मूल रूप से फर्रुखाबाद निवासी सुमित ठाकुर पिछले चार सालों से विजयनगर थाना क्षेत्र के सर्वोदय नगर में किराये पर रहते हैं। वह सब्जी बेचकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। गुरुवार शाम करीब चार बजे उनकी तीन साल की बेटी पल्लवी (दीप्ति) घर से निकलकर गली में पहुंच गई। आशंका है कि खेलते-खेलते वह पानी से ढकी नाली या गहरे हिस्से की ओर चली गई, जहां उसका संतुलन बिगड़ गया और वह डूब गई।
कुछ देर बाद स्थानीय लोगों की नजर पानी में पड़ी बच्ची पर गई। उन्होंने तुरंत उसे बाहर निकाला और चारपाई पर लिटाकर उसकी सांसें लौटने की कोशिश की। परिवार के लोग भी इस उम्मीद में उसे पुकारते और संभालते रहे कि शायद वह होश में आ जाए, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। परिजन बिना समय गंवाए बच्ची को एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
मासूम की मौत के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। जिस घर में कुछ देर पहले तक बच्ची की किलकारियां गूंज रही थीं, वहां अब मातम पसरा हुआ है। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर शहर में जलनिकासी व्यवस्था और बारिश के दौरान सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दिल्ली-एनसीआर में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते पिछले 24 घंटे में कई जगहों पर जलभराव की गंभीर स्थिति पैदा हो गई है।








