Home अपराध लखनऊ में नशीली दवाओं के बड़े नेटवर्क का खुलासा, 228 किलो माल...

लखनऊ में नशीली दवाओं के बड़े नेटवर्क का खुलासा, 228 किलो माल बरामद, छह गिरफ्तार

0
42

लखनऊ : नशीली दवाओं की अवैध सप्लाई चेन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एएनटीएफ लखनऊ यूनिट और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की संयुक्त टीम ने राजधानी में एक बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। ट्रांसपोर्ट नगर में हुई कार्रवाई में करीब 228 किलोग्राम नशीली दवाएं बरामद की गईं।

इनमें 9.60 लाख एल्जोमैक-0.5 (एल्प्राजोलाम) टैबलेट, 1.20 लाख स्पैसमोनाम प्लस (ट्रामाडोल एचसीएल) कैप्सूल और कोडीनयुक्त ओनेरेक्स 100 एमएल कफ सिरप की 720 बोतलें शामिल हैं। मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनके कब्जे से सात मोबाइल फोन और 11,140 रुपये नकद भी बरामद हुए।

एएनटीएफ को ट्रांसपोर्ट नगर में नशीली दवाओं की बड़ी खेप पहुंचने की सूचना मिली थी। तीन सितंबर को टीम ने मकान संख्या एस-363/364 के आसपास निगरानी शुरू की। इसी दौरान तीन लोगों को कार्टूनों को बोरियों में छिपाते देखा गया। तलाशी में किशन वासवानी, समीर अहमद और शाद इरशाद के कब्जे से बड़ी मात्रा में नशीली दवाएं मिलीं। एफएसडीए की टीम ने बरामद दवाओं के नमूने जांच के लिए सुरक्षित किए।

पूछताछ में किशन वासवानी और समीर अहमद ने दवाओं की आपूर्ति कन्हैया फार्मा के संचालक उमेश कुमार से होने की जानकारी दी। इसके आधार पर उमेश कुमार और सतेन्द्र सिंह को भी गिरफ्तार किया गया। जांच में सामने आया कि उमेश कुमार कथित तौर पर सतेन्द्र सिंह की फर्म के दस्तावेजों का इस्तेमाल नशीली दवाओं की बिलिंग के लिए करता था और इसके एवज में कमीशन दिए जाने की बात सामने आई।

एफएसडीए की जांच में कन्हैया फार्मा से प्रॉक्सीमेक-एसपीएएस कैप्सूल के 1,116 डिब्बों समेत सात प्रकार की दवाएं मिलीं। फर्म संचालक दवाओं की खरीद-बिक्री के पूरे अभिलेख उपलब्ध नहीं करा सका। इसके बाद एफएसडीए ने फर्म को सील कर दिया।

यह भी पढ़ें -  "10-15 किलोमीटर दौड़ा, जंगल में छिपा": कांग्रेस विधायक ने भाजपा प्रतिद्वंद्वी पर हमला करने का आरोप लगाया

शाद इरशाद से पूछताछ में विशाल चौरसिया का नाम सामने आया, जिसके बाद उसे भी गिरफ्तार किया गया। जांच एजेंसियों के मुताबिक विशाल ने शाद को नशीली दवाओं की आपूर्ति करने की बात स्वीकार की है। जांच में यह भी सामने आया कि कोडीन से जुड़े एक मामले में अमीनाबाद थाने में एफआईआर दर्ज होने के बाद उसका दवा लाइसेंस निरस्त हो चुका था। इसके बाद वह कथित तौर पर दूसरी फर्मों के माध्यम से नशीली दवाओं का कारोबार कर रहा था। बरामद कोडीनयुक्त कफ सिरप के संबंध में विशाल ने इसे बृजेश वर्मा से खरीदने की बात बताई है। एजेंसियां अब नेटवर्क की अन्य कड़ियों और सप्लाई के स्रोतों की जांच कर रही हैं।

सभी छह आरोपियों-किशन वासवानी, समीर अहमद, शाद इरशाद, उमेश कुमार, सतेन्द्र सिंह और विशाल चौरसिया-के खिलाफ धारा 8/21/22/29 एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। बरामद दवाओं का नियमानुसार न्यायालय के समक्ष नमूनाकरण कराया जाएगा। पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी ई-साक्ष्य एप के माध्यम से की गई।

एक नजर में
करीब 228 किलो नशीली दवाएं बरामद।
9.60 लाख एल्प्राजोलाम टैबलेट जब्त।
1.20 लाख ट्रामाडोल एचसीएल कैप्सूल बरामद।
720 बोतल कोडीनयुक्त कफ सिरप मिली।
छह आरोपी गिरफ्तार।
सात मोबाइल फोन और 11,140 रुपये नकद बरामद।
कन्हैया फार्मा सील किया गया।
सप्लाई, बिलिंग और वितरण नेटवर्क की जांच जारी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here