उत्तर प्रदेश में विधान परिषद (MLC) की 11 सीटों पर होने वाले चुनाव के चलते 23 और 27 अक्टूबर 2026 को शराब की सभी दुकानें बंद रहेंगी। 23 अक्टूबर को मतदान और 27 अक्टूबर को मतगणना होनी है। इसी को देखते हुए दोनों दिन को ड्राई डे घोषित किया गया है।
जिला मजिस्ट्रेट विशाख जी. की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, चुनाव को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए शराब की बिक्री पर रोक लगाई गई है।
उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की 11 सीटों पर शिक्षक और स्नातक खंड के चुनाव कराए जा रहे हैं। इनमें 5 सीटें स्नातक निर्वाचन खंड और 6 सीटें शिक्षक निर्वाचन खंड की हैं। चुनाव में बैलेट पेपर के जरिए मतदान कराया जाएगा।
स्नातक निर्वाचन खंड में लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ और इलाहाबाद-झांसी की सीटें शामिल हैं। वहीं, शिक्षक निर्वाचन खंड में लखनऊ, आगरा, वाराणसी, मेरठ, बरेली-मुरादाबाद और गोरखपुर-फैजाबाद की सीटों पर चुनाव होगा। ये निर्वाचन क्षेत्र प्रदेश के 75 जिलों को कवर करते हैं।
जिला प्रशासन के आदेश के अनुसार, 23 और 27 अक्टूबर को देसी और अंग्रेजी शराब की दुकानों के अलावा बीयर की दुकानें, मॉडल शॉप, कम्पोजिट शॉप, भांग और ताड़ी की दुकानें भी बंद रहेंगी।
इसके साथ ही बार, क्लब, रेस्टोरेंट और उन होटलों में भी शराब परोसने पर रोक रहेगी, जहां शराब उपलब्ध कराई जाती है। सैन्य और अर्द्धसैनिक बलों की कैंटीन पर भी आदेश लागू होगा।
डीएम ने सभी आबकारी लाइसेंसधारकों को निर्धारित तारीखों पर अपने प्रतिष्ठान बंद रखने के निर्देश दिए हैं। आदेश का उल्लंघन कर शराब बेचने या दुकान खुली रखने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि बंदी के कारण शराब कारोबारियों को किसी तरह का मुआवजा नहीं दिया जाएगा।
बता दें कि MLC चुनाव में बीजेपी और समाजवादी पार्टी ने पूरी ताकत झोंक दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाजियाबाद, गोरखपुर, वाराणसी, आगरा, मिर्जापुर और बरेली समेत सभी 11 सीटों पर बीजेपी प्रत्याशियों के समर्थन में सभाएं कीं, जबकि दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक के साथ सरकार के मंत्री व बीजेपी विधायक भी चुनाव प्रचार में जुटे रहें।
पिछले MLC चुनावों में इन 11 सीटों में सपा ने 6 और बीजेपी ने 5 सीट जीती थीं। इन चुनाव में केवल पंजीकृत और पात्र शिक्षक व ग्रेजुएट ही वोट कर सकते हैं। इस तरह ये विधानसभा चुनाव से खासे अलग हैं। लेकिन ये चुनाव यूपी में विधानसभा चुनाव के पहले हो रहे हैं, इसलिए ये काफी अहम माने जा रहे हैं।








