लखनऊ : निगोहां थाना क्षेत्र के लालपुर गांव में बुधवार सुबह हाईवे किनारे खेत में बने करीब 70 फुट गहरे पुराने कुएं में गिरकर सरदार (80) की मौत हो गई। सूचना मिलते ही निगोहां पुलिस, दमकल, एसडीआरएफ और जल पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से करीब छह घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। कड़ी मशक्कत के बाद बुजुर्ग का शव कुएं से बाहर निकाला जा सका।
लालपुर निवासी शिवदर्शन ने बताया कि पिता सरदार बुधवार सुबह करीब 10 बजे खाना खाने के बाद घर से निकले थे। कुछ देर बाद पड़ोसी ने उनके कुएं में गिरने की सूचना दी। परिजन मौके पर पहुंचे तो कुएं के बाहर उनकी चप्पलें और लाठी पड़ी थीं। अंदर झांक कर देखा तो पानी में गमछा उतराता दिखाई दिया। बेटे ने डॉयल-112 पर सूचना दी। जानकारी मिलते ही पुलिस और दमकल की टीम मौके पर पहुंची। 70 फुट गहरा कुआं देख पुलिस ने एसडीआरएफ की टीम और प्राइवेट गोताखोरों को भी मौके पर बुला लिया।
कुएं से पानी निकालने के लिए ट्रैक्टर और बोरवेल इंजन की मदद ली गई, लेकिन पानी का स्रोत तेज होने के कारण कुआं बार-बार भर जा रहा था। इससे बचाव कार्य में काफी परेशानी हुई। आखिर में बुलाए गए प्राइवेट गोताखोरों ने कड़ी मशक्कत के बाद करीब छह घंटे बाद सरदार को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिवार में पत्नी सुखरानी, इकलौता बेटा शिवदर्शन और बहू हरवादेई हैं। बेटे ने बताया कि उनके पिता की मानसिक स्थिति ठीक नहीं रहती थी।
ग्रामीणों के मुताबिक करीब 200 वर्ष पुराना यह कुआं अब इस्तेमाल में नहीं है। वर्ष 2012 में इसी कुएं में गिरने से रामचंद्र के 19 वर्षीय बेटे सूरज की मौत हो गई थी। इसके अलावा कई मवेशी भी कुएं में गिरकर जान गंवा चुके हैं। इसके बावजूद कुआं खुला पड़ा है। बुजुर्ग की मौत के बाद ग्रामीणों में नाराजगी है। उन्होंने प्रशासन से कुएं को बंद कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके।








