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Kashi Vidyapith: परीक्षा परिणाम में गड़बड़ियों की भरमार, आक्रोशित छात्रों ने जड़ा प्रशासनिक भवन पर ताला

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प्रशासनिक भवन के गेट पर धरना देते छात्र

प्रशासनिक भवन के गेट पर धरना देते छात्र
– फोटो : अमर उजाला

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वाराणसी स्थित महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में स्नातक द्वितीय वर्ष के परीक्षा परिणाम में गड़बड़ियों की भरमार है। सोमवार को रिजल्ट में गड़बड़ियों को दूर करने में देरी पर छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। छात्रों ने प्रशासनिक भवन के गेट पर ताला जड़कर धरना शुरू कर दिया। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रशासनिक भवन पर तालाबंदी के कारण अंदर और बाहर कई कर्मचारी फंसे रहे। वहीं काम के लिए आए विद्यार्थियों को बैरंग वापस लौटना पड़ा।

सोमवार को स्नातक द्वितीय वर्ष के परिणाम से असंतुष्ट छात्रों ने दोबारा मूल्यांकन की मांग पर धरना शुरू कर दिया। चीफ प्रॉक्टर प्रो. अमिता सिंह ने छात्रों को समझाने का प्रयास किया लेकिन छात्र अपनी मांग पर अड़े रहे। छात्रों का कहना था कि सभी प्रश्नपत्रों की परीक्षा देने के बावजूद परीक्षार्थी को एक प्रश्नपत्र में अनुपस्थित कर दिया गया है।

कई परीक्षार्थियों को मिला शून्य अंक 
बीए प्रथम खंड में राष्ट्रगौरव के जिस परीक्षार्थी को 100 में से 76 अंक मिले हैं, उसी परीक्षार्थी को द्वितीय खंड में अनुपस्थित कर दिया गया है। कई परीक्षार्थियों को शून्य अंक भी मिला है। रिजल्ट में व्याप्त गड़बड़ियों को दूर कराने के लिए विश्वविद्यालय ने छात्रों से आवेदन मांगा था।

यह भी पढ़ें -  Allahabad High Court : गालीबाज श्रीकांत त्यागी के मामले में फैसला सुरक्षित, हाईकोर्ट में हुई सुनवाई

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वाराणसी स्थित महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में स्नातक द्वितीय वर्ष के परीक्षा परिणाम में गड़बड़ियों की भरमार है। सोमवार को रिजल्ट में गड़बड़ियों को दूर करने में देरी पर छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। छात्रों ने प्रशासनिक भवन के गेट पर ताला जड़कर धरना शुरू कर दिया। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रशासनिक भवन पर तालाबंदी के कारण अंदर और बाहर कई कर्मचारी फंसे रहे। वहीं काम के लिए आए विद्यार्थियों को बैरंग वापस लौटना पड़ा।

सोमवार को स्नातक द्वितीय वर्ष के परिणाम से असंतुष्ट छात्रों ने दोबारा मूल्यांकन की मांग पर धरना शुरू कर दिया। चीफ प्रॉक्टर प्रो. अमिता सिंह ने छात्रों को समझाने का प्रयास किया लेकिन छात्र अपनी मांग पर अड़े रहे। छात्रों का कहना था कि सभी प्रश्नपत्रों की परीक्षा देने के बावजूद परीक्षार्थी को एक प्रश्नपत्र में अनुपस्थित कर दिया गया है।

कई परीक्षार्थियों को मिला शून्य अंक 

बीए प्रथम खंड में राष्ट्रगौरव के जिस परीक्षार्थी को 100 में से 76 अंक मिले हैं, उसी परीक्षार्थी को द्वितीय खंड में अनुपस्थित कर दिया गया है। कई परीक्षार्थियों को शून्य अंक भी मिला है। रिजल्ट में व्याप्त गड़बड़ियों को दूर कराने के लिए विश्वविद्यालय ने छात्रों से आवेदन मांगा था।



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