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Aligarh News: हज कमेटी ऑफ इंडिया नहीं देगा यात्रियों को सिम कार्ड, आरटीपीसीआर जांच भी होगी जरूरी

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हज यात्रा

हज यात्रा
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इस बार हज कमेटी ऑफ इंडिया यात्रियों को सिम कार्ड नहीं देगा। हज यात्रियों को अपने साथ सिम कार्ड ले जाना होगा। सऊदी अरब में भी वह सिम कार्ड आसानी से खरीद सकते हैं। हज यात्रियों के लिए आरटीपीसीआर जांच जरूरी है। इसके लिए सरकारी अस्पताल या रेलवे के अस्पताल के जांच प्रमाण पत्र मान्य होंगे।

हर हज यात्री अपने साथ 7 किलोग्राम का हैंड बैग, 20-20 किलोग्राम के दो-दो सूटकेस ले जा सकेंगे। हज यात्रियों की पहली उड़ान दिल्ली से मदीना जाएगी, जो 21 मई 2023 से शुरू होगी। अंतिम उड़ान 22 जून को होगी। वापसी उड़ान 3 जुलाई से शुरू होकर 2 अगस्त को अंतिम उड़ान होगी।

छह जिलों के हज यात्रियों के बने व्हाट्सएप ग्रुप

हज यात्रा पर जाने वाले लोगों को हज के दौरान कोई दुश्वारी न आए, इसके लिए सोसाइटी के सचिव तौफीक अहमद खान ने व्हाट्सएप ग्रुप बनाया है। ग्रुप में अलीगढ़, आगरा, कायमगंज, इटावा, बुलंदशहर, एटा से जाने वाले हज यात्रियों को जोड़ा गया है। उन्हें प्रशिक्षित किया जाएगा।

17 से 20 मार्च तक होगा कुरांदाजी

हज यात्रियों को चयन कुरांदाजी से होगा। 17 मार्च से 20 मार्च के बीच होगा। नाम आने के बाद हज यात्री को पहली किस्त 81 हजार 500 रुपये 24 मार्च से पहले जमा करनी होगी। 27 मार्च तक पहली किस्त की रसीद, पासपाेर्ट, चिकित्सा प्रमाणपत्र और हज आवेदन फॉर्म के साथ 27 मार्च तक उत्तर प्रदेश हज कमेटी लखनऊ को भेजने होंगे। हज यात्रियों को दूसरी किस्त एक लाख 70 हजार रुपये मार्च के अंतिम दिन तक जमा करनी होगी। हज की अंतिम किस्त मक्का और मदीना में रिहाइश, ट्रांसपोर्ट और रियाल की कीमत और हवाई जहाज का किराया के साथ अंतिम किस्त जमा करनी होगी। यह किस्तें ऑनलाइन या स्टेट बैंक ऑफ इंडिया या यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में जमा करनी होगी।

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इस बार हज कमेटी ऑफ इंडिया हज यात्रियों को 21 सौ सऊदी रियाल उपलब्ध नहीं कराएगी। अब हर हज यात्री ज्यादा से ज्यादा 15 सौ रियाल अपने साथ ले जा सकेगा। इस बार हज यात्रा का खर्च लगभग तीन लाख 50 हजार रुपये रहने वाला है। वर्ष 2019 में यह खर्च दो लाख 41 हजार था, जो वर्ष 2022 में तीन लाख 86 हजार तक हो गया था।

-तौफीक अहमद खान, सचिव, लब्बैक हज कमेटी

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