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उत्तर प्रदेश चुनाव: रीता बहुगुणा जोशी की बगावत नहीं आई काम, इन सीटों पर जबरदस्त मुकाबला

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सार

लखनऊ पूर्व की सीट पर भाजपा के दिग्गज नेता लालजी टंडन के बेटे आशुतोष गोपाल टंडन चुनाव मैदान में हैं। भाजपा की इस परंपरागत सीट पर उनकी लड़ाई अपेक्षाकृत आसान मानी जा रही है। हालांकि, समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता अनुराग भदौरिया उन्हें अच्छी टक्कर दे रहे हैं…

बेटे मयंक जोशी के साथ रीता बहुगुणा जोशी
– फोटो : Agency

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कांग्रेस से भाजपा में आई रीता बहुगुणा जोशी के बगावती अंदाज ने भी भाजपा की चुनावी रणनीति पर कोई असर नहीं डाला और पार्टी ने लखनऊ कैंट की सीट से उनके बेटे मयंक जोशी को मैदान में नहीं उतारा। इस ब्राह्मण बहुल सीट पर भाजपा ने बृजेश पाठक को मैदान में उतारा है। वे योगी आदित्यनाथ सरकार में मंत्री भी हैं। पिछली बार वे लखनऊ मध्य से चुनाव जीते थे। पार्टी ने लखनऊ की सभी सीटों पर नई रणनीति के साथ दमदार उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है, लेकिन कई सीटों पर समाजवादी पार्टी भी अच्छी दावेदारी पेश कर रही है।

अपर्णा को बना सकते हैं एमएलसी

लखनऊ कैंट सीट पर मुलायम सिंह की बहू अपर्णा यादव को चुनाव लड़ाए जाने की बात भी चल रही थी, लेकिन 2017 में इसी सीट पर रीता बहुगुणा जोशी से हार चुकी अपर्णा यादव के लिए पार्टी ने अलग रणनीति बनाई है। फिलहाल इस सीट से उन्हें मौका नहीं मिला है। उन्हें एमएलसी चुनाव के जरिए विधान परिषद में पहुंचाया जा सकता है।

ब्राह्मण, महिलाओं और उत्तराखंडी मतदाताओं की बहुलता वाली इस सीट पर भाजपा की लड़ाई अपेक्षाकृत आसान मानी जा रही है। समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार राजू गांधी यहां उनके खिलाफ मैदान में हैं। लखनऊ मध्य से भाजपा ने इस बार अपनी एक पार्षद रजनीश गुप्ता को मैदान में उतारा है, लेकिन उनके सामने समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार रविदास मेहरोत्रा काफी मजबूत उम्मीदवार बताए जाते हैं। वह 2012 में इस सीट से जीत दर्ज कर चुके हैं। पिछली बार बृजेश पाठक से वे चुनाव हार गए थे, लेकिन इस बार भाजपा की कमजोर उम्मीदवार के सामने रविदास की लड़ाई मजबूत मानी जा रही है।

लखनऊ पूर्व की सीट पर भाजपा के दिग्गज नेता लालजी टंडन के बेटे आशुतोष गोपाल टंडन चुनाव मैदान में हैं। भाजपा की इस परंपरागत सीट पर उनकी लड़ाई अपेक्षाकृत आसान मानी जा रही है। हालांकि, समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता अनुराग भदौरिया उन्हें अच्छी टक्कर दे रहे हैं।

लखनऊ पश्चिम में कांटे की टक्कर

मुस्लिम बहुल सीट लखनऊ पश्चिम से समाजवादी पार्टी ने अपना उम्मीदवार बदल दिया है। इस चुनाव में पार्टी ने अरमान को उम्मीदवार बनाया है, जबकि सपा के टिकट पर 2012 में चुनाव जीते रेहान नईम ज्यादा दमदार प्रत्याशी बताए जा रहे थे। भाजपा ने यहां से अंजनी श्रीवास्तव को मैदान में उतारा है। वे पार्टी में अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ाएंगे। इस सीट पर दोनों पार्टियों के बीच जबरदस्त टक्कर देखने को मिल सकती है।

लखनऊ उत्तर में समाजवादी पार्टी ने पूजा शुक्ला को मैदान में उतारा है। लखनऊ विश्वविद्यालय में जुझारू छात्र नेता के रूप में उनकी विशेष ख्याति रही है। भाजपा ने इस सीट से वर्तमान विधायक नीरज वोरा को दोबारा मैदान में उतारा है।

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विस्तार

कांग्रेस से भाजपा में आई रीता बहुगुणा जोशी के बगावती अंदाज ने भी भाजपा की चुनावी रणनीति पर कोई असर नहीं डाला और पार्टी ने लखनऊ कैंट की सीट से उनके बेटे मयंक जोशी को मैदान में नहीं उतारा। इस ब्राह्मण बहुल सीट पर भाजपा ने बृजेश पाठक को मैदान में उतारा है। वे योगी आदित्यनाथ सरकार में मंत्री भी हैं। पिछली बार वे लखनऊ मध्य से चुनाव जीते थे। पार्टी ने लखनऊ की सभी सीटों पर नई रणनीति के साथ दमदार उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है, लेकिन कई सीटों पर समाजवादी पार्टी भी अच्छी दावेदारी पेश कर रही है।

अपर्णा को बना सकते हैं एमएलसी

लखनऊ कैंट सीट पर मुलायम सिंह की बहू अपर्णा यादव को चुनाव लड़ाए जाने की बात भी चल रही थी, लेकिन 2017 में इसी सीट पर रीता बहुगुणा जोशी से हार चुकी अपर्णा यादव के लिए पार्टी ने अलग रणनीति बनाई है। फिलहाल इस सीट से उन्हें मौका नहीं मिला है। उन्हें एमएलसी चुनाव के जरिए विधान परिषद में पहुंचाया जा सकता है।

ब्राह्मण, महिलाओं और उत्तराखंडी मतदाताओं की बहुलता वाली इस सीट पर भाजपा की लड़ाई अपेक्षाकृत आसान मानी जा रही है। समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार राजू गांधी यहां उनके खिलाफ मैदान में हैं। लखनऊ मध्य से भाजपा ने इस बार अपनी एक पार्षद रजनीश गुप्ता को मैदान में उतारा है, लेकिन उनके सामने समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार रविदास मेहरोत्रा काफी मजबूत उम्मीदवार बताए जाते हैं। वह 2012 में इस सीट से जीत दर्ज कर चुके हैं। पिछली बार बृजेश पाठक से वे चुनाव हार गए थे, लेकिन इस बार भाजपा की कमजोर उम्मीदवार के सामने रविदास की लड़ाई मजबूत मानी जा रही है।

लखनऊ पूर्व की सीट पर भाजपा के दिग्गज नेता लालजी टंडन के बेटे आशुतोष गोपाल टंडन चुनाव मैदान में हैं। भाजपा की इस परंपरागत सीट पर उनकी लड़ाई अपेक्षाकृत आसान मानी जा रही है। हालांकि, समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता अनुराग भदौरिया उन्हें अच्छी टक्कर दे रहे हैं।

लखनऊ पश्चिम में कांटे की टक्कर

मुस्लिम बहुल सीट लखनऊ पश्चिम से समाजवादी पार्टी ने अपना उम्मीदवार बदल दिया है। इस चुनाव में पार्टी ने अरमान को उम्मीदवार बनाया है, जबकि सपा के टिकट पर 2012 में चुनाव जीते रेहान नईम ज्यादा दमदार प्रत्याशी बताए जा रहे थे। भाजपा ने यहां से अंजनी श्रीवास्तव को मैदान में उतारा है। वे पार्टी में अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ाएंगे। इस सीट पर दोनों पार्टियों के बीच जबरदस्त टक्कर देखने को मिल सकती है।

लखनऊ उत्तर में समाजवादी पार्टी ने पूजा शुक्ला को मैदान में उतारा है। लखनऊ विश्वविद्यालय में जुझारू छात्र नेता के रूप में उनकी विशेष ख्याति रही है। भाजपा ने इस सीट से वर्तमान विधायक नीरज वोरा को दोबारा मैदान में उतारा है।

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