Home अपराध रिटायरमेंट से 6 दिन पहले रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया इंजीनियर,...

रिटायरमेंट से 6 दिन पहले रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया इंजीनियर, 5 लाख कैश बरामद

0
135

ओडिशा में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई के तहत विजिलेंस विभाग ने रायगड़ा के ग्रामीण विकास विभाग के एक्जीक्यूटिव इंजीनियर प्रसन्न कुमार पटनायक को 2 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। हैरानी की बात यह है कि आरोपी अधिकारी 30 जून 2026 को रिटायर होने वाले थे, लेकिन रिटायरमेंट से कुछ दिन पहले ही विजिलेंस के जाल में फंस गए।

जानकारी के मुताबिक, एक ठेकेदार ने विभाग के इस अधिकारी के खिलाफ शिकायत की थी। ठेकेदार का आरोप था कि उसने विभाग के लिए कई काम पूरे किए थे, जिनके करीब 50 लाख रुपये के बिल लंबित थे। साथ ही उसे नए टेंडर में भाग लेने के लिए कार्य वर्क एक्सपीरियंस सर्टिफिकेट की जरूरत थी।

आरोप है कि प्रसन्न कुमार पटनायक ने बिलों के भुगतान को मंजूरी देने और अनुभव प्रमाणपत्र जारी करने के बदले 2.5 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। ठेकेदार ने इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थता जताई, जिसके बाद बातचीत के दौरान रिश्वत की रकम घटाकर 2 लाख रुपये कर दी गई।

रिश्वत की मांग से परेशान ठेकेदार ने इसकी जानकारी विजिलेंस विभाग को दी। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस अधिकारियों ने योजना बनाकर जाल बिछाया। इसके तहत आरोपी इंजीनियर को ठेकेदार से 2 लाख रुपये लेते समय रंगे हाथों पकड़ लिया गया। कार्रवाई के दौरान विजिलेंस टीम ने आरोपी के कब्जे से पूरी 2 लाख रुपये की रिश्वत राशि बरामद कर जब्त कर ली। गिरफ्तारी के बाद अधिकारियों ने एक साथ कई स्थानों पर छापेमारी शुरू की।

यह भी पढ़ें -  दिल्ली में कोविड के मामले बढ़ने पर अरविंद केजरीवाल ने आज समीक्षा बैठक की

जांच के दौरान भुवनेश्वर के नंदन विहार स्थित बसुंधरा कॉलोनी में आरोपी का आलीशान घर देखकर विजिलेंस अधिकारी भी हैरान रह गए। शहर के प्रमुख इलाके में बने इस भव्य मकान की सबसे खास बात इसकी छत पर बना स्विमिंग पूल बताया जा रहा है। यह संपत्ति जांच के दायरे में है और इसकी विस्तृत पड़ताल की जा रही है।

विजिलेंस टीम ने भुवनेश्वर स्थित घर के अलावा नयागढ़ में उनके पैतृक निवास, रायगढ़ा स्थित सरकारी आवास और कार्यालय कक्ष में भी तलाशी ली। तलाशी के दौरान रायगड़ा स्थित सरकारी क्वार्टर से 3.39 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। रिश्वत की रकम को जोड़कर अब तक कुल 5.39 लाख रुपये नकद जब्त किए जा चुके हैं। इस मामले में कोरापुट विजिलेंस थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। विजिलेंस विभाग द्वारा मामले की जांच जारी है और आरोपी की चल-अचल संपत्तियों के साथ-साथ आय के स्रोतों की भी जांच की जा रही है।

रिटायरमेंट से कुछ दिन पहले हुई इस कार्रवाई ने एक बार फिर सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर विजिलेंस जांच के अगले खुलासों पर टिकी हुई है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here