उन्नाव। औद्योगिक क्षेत्र अकरमपुर स्थित इंडो प्रोसोया फूड लिमिटेड में शुक्रवार को प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर सख्ती दिखाई। अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) सुशील गोंड के नेतृत्व में फैक्ट्री परिसर में व्यापक सुरक्षा निरीक्षण किया गया। इसके बाद आग और आपात स्थिति से निपटने के लिए मॉकड्रिल भी कराई गई। निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी सदर क्षितिज द्विवेदी, सदर तहसीलदार, फायर विभाग के प्रभारी अधिकारी समेत अन्य विभागों के अफसर मौजूद रहे।
अधिकारियों ने फैक्ट्री के अंदर और बाहर लगे अग्निशमन यंत्रों, फायर अलार्म सिस्टम, आपातकालीन निकास मार्ग और उनकी कार्यप्रणाली को बारीकी से परखा। टीम ने यह भी देखा कि किसी हादसे की स्थिति में कर्मचारी कितनी तेजी से प्रतिक्रिया देते हैं और सुरक्षित स्थान तक पहुंच पाते हैं या नहीं। साथ ही फैक्ट्री में मौजूद मेडिकल सुविधाओं की जांच की गई। प्राथमिक उपचार कक्ष, दवाइयों की उपलब्धता और एंबुलेंस व्यवस्था की स्थिति को भी परखा गया।
निरीक्षण के बाद परिसर में मॉकड्रिल कराई गई। आग लगने की काल्पनिक स्थिति बनाकर कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकालने, अग्निशमन यंत्रों के इस्तेमाल और घायलों को प्राथमिक उपचार देने की प्रक्रिया का अभ्यास कराया गया। मौके पर मौजूद फायर विभाग की टीम ने आग पर काबू पाने के तरीके बताए और कर्मचारियों को उपकरणों के सही उपयोग का प्रशिक्षण दिया।
अपर जिलाधिकारी सुशील गोंड ने कहा कि औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों का पालन बेहद जरूरी है। किसी भी तरह की लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। उन्होंने कंपनी प्रबंधन को निर्देश दिए कि अग्निशमन उपकरणों की नियमित जांच कराई जाए और कर्मचारियों को समय समय पर सुरक्षा प्रशिक्षण दिया जाए।
एसडीएम सदर क्षितिज द्विवेदी ने कहा कि मॉकड्रिल का उद्देश्य केवल औपचारिकता निभाना नहीं, बल्कि कर्मचारियों को आपात स्थितियों के लिए पूरी तरह तैयार करना है। उन्होंने कर्मचारियों से सुरक्षा नियमों का पालन करने और किसी भी खतरे को नजरअंदाज न करने की अपील की। प्रशासन ने साफ किया कि आगे भी औद्योगिक इकाइयों में इस तरह के निरीक्षण और मॉकड्रिल कराई जाएंगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति में जान और माल के नुकसान को रोका जा सके।








