लखनऊ/प्रयागराज। उत्तर प्रदेश पुलिस सब इंस्पेक्टर भर्ती 2025 को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 4,543 पदों के लिए चयनित अभ्यर्थियों के नियुक्ति पत्र जारी करने पर फिलहाल रोक लगा दी है। कोर्ट ने यह आदेश श्याम सुंदर, कमलेश यादव व अन्य तथा यश पांडेय और 44 अन्य की ओर से दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान दिया। मामले की अगली सुनवाई 5 अक्टूबर को होगी। आदेश न्यायमूर्ति अनीस कुमार गुप्ता की एकल पीठ ने दिया है।
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की ओर से उप निरीक्षक नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती-2025 का विज्ञापन 12 अगस्त 2025 को जारी किया गया था। भर्ती के लिए कुल 15,75,706 आवेदन प्राप्त हुए थे। लिखित परीक्षा 14 और 15 मार्च 2026 को दो-दो पालियों में आयोजित की गई थी, जिसमें करीब 10.77 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे। लिखित परीक्षा का परिणाम 7 मई को घोषित किया गया था।
इसके बाद भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ी और जुलाई में अंतिम चयन सूची जारी की गई। कुल 4,543 पदों पर चयनित अभ्यर्थियों के नियुक्ति पत्र जारी करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही थी। इसी बीच आंसर-की में बदलाव को लेकर अभ्यर्थियों की ओर से हाईकोर्ट का रुख किया गया।
याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ताओं ने कोर्ट में दलील दी कि भर्ती बोर्ड ने 23 मार्च को प्रोविजनल आंसर-की जारी की थी। इसके बाद 7 मई को लिखित परीक्षा का परिणाम जारी करते समय फाइनल आंसर-की में कुछ प्रश्नों के उत्तर बदल दिए गए। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि कुछ प्रश्नों के उत्तर बदलने का असर अभ्यर्थियों के अंकों पर पड़ा। एक प्रश्न के 2.5 अंक होने के कारण मामूली अंतर से अभ्यर्थियों के परिणाम प्रभावित हुए।
याचिकाकर्ताओं के मुताबिक, कुछ अभ्यर्थी लिखित परीक्षा के बाद अगले चरण के लिए सफल हुए थे, लेकिन अंतिम परिणाम जारी होने पर एक-दो अंकों के अंतर से चयन से बाहर हो गए। अभ्यर्थियों ने बदले गए प्रश्नों और उत्तरों को लेकर आपत्तियां दर्ज कराईं, लेकिन उनका आरोप है कि भर्ती बोर्ड ने इन आपत्तियों पर विचार नहीं किया। इसके बाद संबंधित अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिकाएं दाखिल कीं।
मामले में याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक खरे के साथ अधिवक्ता संजय कुमार यादव और आलोक मिश्र ने पक्ष रखा। हाईकोर्ट ने फिलहाल नियुक्ति पत्र जारी करने पर रोक लगाते हुए मामले की अगली सुनवाई 5 अक्टूबर को निर्धारित की है। इस आदेश के बाद 4,543 चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रक्रिया फिलहाल आगे नहीं बढ़ सकेगी। अगली सुनवाई में कोर्ट आंसर-की में बदलाव और उससे जुड़े अभ्यर्थियों के दावों पर सुनवाई करेगा।








