लखीमपुर खीरी। मितौली थाना क्षेत्र के ग्राम निमचैना में हुए गणेश त्रिपाठी हत्याकांड की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। इस मामले में सबसे चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि हत्या की साजिश रचने वाली कोई और नहीं, बल्कि मृतक की पत्नी संध्या देवी ही निकली। उसने अपने प्रेमी और उसके साथी के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने 12 दिन बाद इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा करते हुए आरोपी पत्नी, प्रेमी और उसके सहयोगी को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया।
घटना 16 अप्रैल की है, जब ग्राम निमचैना निवासी गणेश तेल पिरवाकर घर लौट रहा था। इसी दौरान रास्ते में उसे रोककर तमंचे से गोली मार दी गई थी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सीओ यदुवेन्द्र ने बताया कि घटना के खुलासे के लिए तीन पुलिस टीमों के साथ स्वाट टीम को भी लगाया गया था। जांच के दौरान मृतक की पत्नी संध्या देवी संदिग्ध पाई गई। पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर सामने आया कि संध्या का प्रेम प्रसंग हरदोई जिले के थाना मंझिला के गांव पारा निवासी पुरुषोत्तम बाजपेई काफी समय से चल रहा था। पुलिस के अनुसार गणेश इस संबंध में बाधा बन रहा था, इसलिए संध्या ने अपने प्रेमी पुरुषोत्तम और उसके साथी प्रवेश कुमार निवासी चांदपुर थाना रामपुर कला जनपद सीतापुर के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची।
वारदात वाले दिन भी संध्या लगातार मोबाइल से अपने प्रेमी के संपर्क में थी और उसी की सूचना पर गणेश को रास्ते में रोककर गोली मार दी गई। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक 315 बोर का तमंचा, कारतूस, घटना में प्रयुक्त मोबाइल और एक स्पलेंडर बाइक बरामद की है। पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपी पुरुषोत्तम बाजपेई शातिर अपराधी है, जिस पर पहले से हत्या और गैंगस्टर एक्ट जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं। वहीं, प्रवेश कुमार पर भी दहेज हत्या का मामला दर्ज है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से अदालत ने तीनों को जेल भेज दिया है। पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है।
शादी से पहले से चल रहा था प्रेम-प्रसंग
सीओ यदुवेंद्र के अनुसार गणेश की शादी करीब 10 वर्ष पहले हरदोई निवासी संध्या से हुई थी। शादी से पहले ही संध्या का प्रेम प्रसंग पड़ोसी गांव पारा नई निवासी पुरुषोत्तम वाजपेयी से चल रहा था, जो शादी के बाद भी जारी रहा। गणेश के बीच में आने पर दोनों ने मिलकर उसे रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली।








