लखनऊ। लखनऊ और कानपुर के बीच 63 किलोमीटर लंबे छह लेन लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का लोकार्पण 13 जुलाई को होगा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई ) के सूत्रों ने बताया कि लोकार्पण समारोह कानपुर रोड पर आयोजित किया जाएगा। इसी कार्यक्रम में लखनऊ के इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहे पर बनने वाले फ्लाईओवर का भी शिलान्यास किया जाएगा।
इस परियोजना के पूरा होने के बाद आईआईएम रोड, सीतापुर रोड और आसपास के क्षेत्रों में यातायात का दबाव कम होगा तथा लोगों को जाम से राहत मिलेगी। नए एक्सप्रेसवे पर यात्रा के लिए वाहन चालकों को टोल शुल्क देना होगा। हालांकि, टोल की दरें अभी घोषित नहीं की गई हैं। एनएचएआई जल्द ही विभिन्न श्रेणियों के वाहनों के लिए शुल्क की जानकारी जारी करेगा। राष्ट्रीय राजमार्ग-27 के जरिए पहुंचने में ट्रैफिक के अनुसार करीब डेढ़ से दो घंटे का समय लगता है।
एक्सप्रेसवे के चालू होने के बाद यही सफर लगभग 45 से 50 मिनट में पूरा किया जा सकेगा, जिससे दोनों शहरों के बीच आवागमन तेज और सुविधाजनक होगा। यह एक्सप्रेसवे उन्नाव होते हुए गुजरेगा और बंथरा, बनी, आजाद नगर समेत आसपास के क्षेत्रों की कनेक्टिविटी को भी बेहतर बनाएगा। माना जा रहा है कि इस परियोजना से औद्योगिक, व्यापारिक और लॉजिस्टिक गतिविधियों को गति मिलेगी तथा लखनऊ-कानपुर कॉरिडोर के आर्थिक विकास को नया बल मिलेगा।
13 जुलाई से शुरू होने जा रहे 63 किलोमीटर लंबे लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे से दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय घटकर करीब 45 से 50 मिनट रह जाएगा। इससे राष्ट्रीय राजमार्ग-27 पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा और यात्रियों को जाम से राहत मिलेगी। उन्नाव, बंथरा, बनी और आजाद नगर जैसे क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी, जिससे औद्योगिक, व्यापारिक और लॉजिस्टिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। हालांकि, एक्सप्रेसवे पर यात्रा के लिए टोल देना होगा, जिसकी दरें एनएचएआई जल्द घोषित करेगा।








