Home उत्तर प्रदेश Noida: परिवार को बेहोश कर लाखों की नकदी चोरी के मामले में...

Noida: परिवार को बेहोश कर लाखों की नकदी चोरी के मामले में नेपाल से खाली हाथ लौटी पुलिस, इंटरपोल से मांगी मदद

0
66

[ad_1]

सांकेतिक तस्वीर

सांकेतिक तस्वीर
– फोटो : सोशल मीडिया

ख़बर सुनें

द पाम्स सोसाइटी निवासी परिवार को नशीले चावल खिलाकर लाखों के नकदी-आभूषण चोरी कर फरार हुए आरोपी नेपाली दंपती की तलाश में पुलिस नेपाल पहुंची, लेकिन नेपाल के कंचनपुर तक पहुंचने के बावजूद बीटा-2 थाने की आठ सदस्यीय टीम को बैरंग लौटना पड़ा। 

नेपाल की पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए इंटरपोल (अंतरराष्ट्रीय आपराधिक पुलिस संगठन) की मदद से आने के लिए कहा। इस वजह से बीटा-2 थाना पुलिस की टीम वापस लौट आई। अब थाना पुलिस ने इंटरपोल की मदद के लिए पत्र लिखा है।  

सोसाइटी निवासी विकास चक्रवर्ती ने बीटा-2 थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 16 सितंबर को नेपाली मूल के प्रमोद व पत्नी गीता ने परिवार को नशीला पदार्थ मिलाकर खिला दिया। इससे विकास, उनकी गीता और बेटा बेहोश हो गए। तीनों को लगभग 48 घंटे बाद होश आया। तब पीड़ितों को पता चला कि नेपाली दंपती उनके घर से 2.25 लाख रुपये, 1800 अमेरिकी डालर, 150 ग्राम सोने के सिक्के, 40 ग्राम हीरे जड़ा सोने का ब्रेसलेट लगभग 15 लाख की चोरी कर फरार हो गए थे। 

मामले में केस दर्ज कर पुलिस आरोपियों के मोबाइल नंबर की लोकेशन आदि के आधार आरोपियों को ढूंढती हुई नेपाल स्थित आरोपियों के गांव तक पहुंच गई। थाना प्रभारी अनिल राजपूत ने बताया कि पुलिस टीम ने आरोपियों का घर खोज लिया। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए वहां के एसपी से गिरफ्तारी में मदद मांगी, लेकिन उन्होंने आरोपियों को दूसरे देश ले जाने के लिए इंटरपोल से मदद मांगने की सलाह दी।  
 
बिना सत्यापन नाम बदलकर रह रहा था आरोपी : नेपाल पहुंचकर टीम को पता चला कि आरोपी का असली नाम गोविंद है और वह ग्रेनो में नाम बदलकर रह रहा था। आरोपी ने सत्यापन भी नहीं कराया था। इस घटना के कुछ दिन पहले बीटा-1 सेक्टर में मर्चेंट नेवी के चीफ इंजीनियर के घर डकैती में भी उनके यहां काम करने वाले कर्मियों का हाथ निकला था और उनका भी सत्यापन नहीं हुआ था। 

यह भी पढ़ें -  Allahabad High Court : स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ चल रही केस कार्यवाही पर रोक बढ़ी

अभी भी सत्यापन में बरत रहे ढिलाई
बिना सत्यापन के रहने वाले लोग बड़ी बड़ी घटनाओं में संलिप्त पाए गए हैं। लोगों से लगातार कर्मचारियों, किरायेदारों आदि के सत्यापन कराने की अपील की जा रही है। लेकिन अभी भी लोग सत्यापन को लेकर ढिलाई बरत रहे हैं। नेपाली दंपती की गिरफ्तारी के लिए इंटरपोल की मदद ली जा रही है। 
– अभिषेक वर्मा, डीसीपी ग्रेटर नोएडा

विस्तार

द पाम्स सोसाइटी निवासी परिवार को नशीले चावल खिलाकर लाखों के नकदी-आभूषण चोरी कर फरार हुए आरोपी नेपाली दंपती की तलाश में पुलिस नेपाल पहुंची, लेकिन नेपाल के कंचनपुर तक पहुंचने के बावजूद बीटा-2 थाने की आठ सदस्यीय टीम को बैरंग लौटना पड़ा। 

नेपाल की पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए इंटरपोल (अंतरराष्ट्रीय आपराधिक पुलिस संगठन) की मदद से आने के लिए कहा। इस वजह से बीटा-2 थाना पुलिस की टीम वापस लौट आई। अब थाना पुलिस ने इंटरपोल की मदद के लिए पत्र लिखा है।  

सोसाइटी निवासी विकास चक्रवर्ती ने बीटा-2 थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 16 सितंबर को नेपाली मूल के प्रमोद व पत्नी गीता ने परिवार को नशीला पदार्थ मिलाकर खिला दिया। इससे विकास, उनकी गीता और बेटा बेहोश हो गए। तीनों को लगभग 48 घंटे बाद होश आया। तब पीड़ितों को पता चला कि नेपाली दंपती उनके घर से 2.25 लाख रुपये, 1800 अमेरिकी डालर, 150 ग्राम सोने के सिक्के, 40 ग्राम हीरे जड़ा सोने का ब्रेसलेट लगभग 15 लाख की चोरी कर फरार हो गए थे। 

मामले में केस दर्ज कर पुलिस आरोपियों के मोबाइल नंबर की लोकेशन आदि के आधार आरोपियों को ढूंढती हुई नेपाल स्थित आरोपियों के गांव तक पहुंच गई। थाना प्रभारी अनिल राजपूत ने बताया कि पुलिस टीम ने आरोपियों का घर खोज लिया। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए वहां के एसपी से गिरफ्तारी में मदद मांगी, लेकिन उन्होंने आरोपियों को दूसरे देश ले जाने के लिए इंटरपोल से मदद मांगने की सलाह दी।  

 



[ad_2]

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here