रामपुर। खनन ड्यूटी से लौट रहे एक संग्रह अमीन की बुधवार देर रात आंधी के कारण टूटे बिजली के तार की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। घटना गुरुवार सुबह करीब छह बजे मिलक क्षेत्र के रठौंड़ा चौराहे के पास हुई।
बिलासपुर तहसील क्षेत्र के आनंद नगर गांव निवासी (59) वर्षीय हरीश कुमार गंगवार मिलक तहसील में संग्रह अमीन थे। वो खनन ड्यूटी करने के बाद गुरुवार सुबह बाइक से बिलासपुर घर लौट रहे थे। सुबह करीब छह बजे मिलक के रठौंड़ा चौराहे के पास तेज आंधी के कारण एक विद्युत पोल के तार टूटकर सड़क पर लटके थे। इस दौरान उनकी बाइक तारों में उलझ गई। उनकी गर्दन बुरी तरह जख्मी हो गई, लोगों ने बताया कि गर्दन काफी कट गई अधिक खून बहने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही मिलक पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल की मोर्चरी भेज दिया। हादसे के बाद परिजनों को रो-रोकर बुरा हाल है।
हरीश गंगवार अपने पीछे पत्नी, एक बेटा और दो विवाहित बेटियां छोड़ गए हैं। परिजनों ने बताया कि वो दो महीने बाद सेवानिवृत्त होने वाले थे। संग्रह अमीन संगठन के महामंत्री एजाजुद्दीन सहित कई पदाधिकारी भी जिला अस्पताल पहुंचे और पंचनामा तथा पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू करवाई। एजाजुद्दीन ने बताया कि हरीश गंगवार ने कहा कि संग्रह अमीनों की खनन ड्यूटी रात आठ बजे से सुबह दो बजे तक लगाई जाती है, जिसके बाद उन्हें सुबह वसूली संबंधी कार्य भी करना होता है।
उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि रात में खराब मौसम और सुनसान रास्तों के कारण कर्मचारियों की जान जोखिम में रहती है। संगठन जल्द ही जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर रात की ड्यूटी व्यवस्था को बंद करने की मांग करेगा। राजस्व विभाग के अधिकारी भी जिला अस्पताल पहुंचे और मृतक के परिजनों को सांत्वना दी। अपर जिलाधिकारी संजीव वर्मा ने बताया कि यह मामला संज्ञान में है और पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है।
तहसील मिलक परिसर में स्थित बार एसोसिएशन सभागार में सतीश चंद्र गंगवार की अध्यक्षता में एक शोक सभा की गई। जिसमें संग्रह अमीन हरीश गंगवार की हादसे में निधन पर सभी अधिवक्ताओं ने दो मिनट का मौन रखकर मृतक की आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की गईं। उसके बाद सभी अधिवक्तागण न्यायिक कार्य से विरत रहे। शोकसभा में महासचिव रमेश चन्द्र एडवोकेट, विवेक गंगवार एडवोकेट, महेंद्र प्रकाश अग्रवाल एडवोकेट, धर्मेंद्र प्रकाश शर्मा एडवोकेट, अनुज पांडे एडवोकेट, देशवीर सिंह एडवोकेट, प्रदीप सक्सेना एडवोकेट, प्रेमपाल गंगवार एडवोकेट, विपिन तिवारी एडवोकेट आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।








