लखीमपुर खीरी : दक्षिणी खीरी वन प्रभाग की महेशपुर वन रेंज में किसान पर हमला करने के महज 10 घंटे बाद ही बाघ का शव घटनास्थल से लगभग 200 मीटर दूरी पर उदयपुर गांव के पास गन्ने के खेत में चक मार्ग पर पड़ा मिला। सोमवार दोपहर करीब 12 बजे उदयपुर गांव निवासी किसान कालीचरण (57) पर महेशपुर नयागांव मार्ग पर भैंस चराते समय बाघ ने हमला कर दिया था।
इसके बाद सोमवार देर रात करीब 10 बजे ग्रामीणों ने उसी क्षेत्र में गन्ने के खेत में बाघ का शव देखा और वन विभाग को सूचना दी। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए आईवीआरआई बरेली भेजा है। फिलहाल वन विभाग ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि मृत बाघ वही है जिसने किसान पर हमला किया था।
घटना के बाद वन विभाग ने पूरे क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है। वनकर्मियों की टीम लगातार इलाके में निगरानी कर रही है। ग्रामीणों को हिदायत दी गई है कि वे अकेले खेतों में न जाएं और पूरी सतर्कता बरतें। किसान पर हमले के अगले ही दिन बाघ की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने से इलाके में तरह तरह की चर्चाएं हैं। ग्रामीण मौत के कारणों को लेकर कयास लगा रहे हैं कि बाघ बाघिन के आपसी संघर्ष में मौत हुई होगी। फिलहाल वन विभाग पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है।
दक्षिणी खीरी वन प्रभाग की महेशपुर रेंज क्षेत्र में बाघ का शव मिला है। मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए शव को पोस्टमार्टम हेतु भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान आईवीआरआई बरेली भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि बाघ की मौत प्राकृतिक है, किसी बीमारी से हुई है या इसके पीछे कोई अन्य वजह है। -तापस मिहिर, डीएफओ खीरी।








