Home टॉप न्यूज बिजली कटौती से परेशान ग्रामीणों ने बिजली ऑफिस के बाहर लगाया बिस्तर

बिजली कटौती से परेशान ग्रामीणों ने बिजली ऑफिस के बाहर लगाया बिस्तर

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महाराष्ट्र के वाशिम जिले में बिजली की कटौती से परेशान ग्रामीणों ने बिजली ऑफिस के बाहर ही बिस्तर लगा लिया। इन लोगों ने सोओ आंदोलन करते हुए सड़क पर बिस्तर लगाया और लेट गए। ऐसे में पुलिसकर्मी भी मौके पर पहुंचे और हालात सामान्य बनाए रखने के लिए पहरा देने लगे। घटना का वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें कई लोग सड़क पर सोते दिख रहे हैं। विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि अगर बिजली कटौती की समस्या नहीं ठीक हुई तो उग्र प्रदर्शन करेंगे।

मामला वाशिम जिले के मानोरा तहसील का है। कारखेडा और आसपास के गांवों में लगातार हो रही रात की बिजली कटौती से ग्रामीणों का गुस्सा अब खुलकर सामने आने लगा है। बिजली संकट से परेशान ग्रामीणों और किसानों ने विरोध का अनोखा तरीका अपनाया। बिजली गुल होते ही सैकड़ों लोग अपना बिस्तर लेकर सीधे महावितरण कार्यालय पहुंच गए और कार्यालय परिसर में ही ‘सोओ आंदोलन’ शुरू कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि जब गांव में रातभर बिजली नहीं मिल रही, तो वे बिजली विभाग के दफ्तर के बाहर ही रात बिताएंगे।

ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले कई दिनों से रात के समय घंटों बिजली गुल रहती है। इससे उमस भरी गर्मी में लोगों का घरों में रहना मुश्किल हो गया है। किसानों को सिंचाई के लिए भी रात में बिजली नहीं मिल पा रही, जिससे फसलें प्रभावित हो रही हैं। कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ।

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इसी से नाराज होकर कारखेडा और आसपास के गांवों के सैकड़ों ग्रामीण रात में महावितरण कार्यालय पहुंचे। सभी अपने साथ चारपाई, गद्दे और चादर लेकर आए और कार्यालय परिसर में ही सोकर अनोखे अंदाज में विरोध दर्ज कराया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द नियमित बिजली आपूर्ति शुरू नहीं हुई तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।

कारखेडा ग्राम पंचायत की तरफ से पुलिस को एक पत्र भी लिखा गया है। इसके जरिए मानोरा पुलिस स्टेशन के निरीक्षक को सूचित किया गया है कि उनके क्षेत्र (कारखेडा, वरोली, रामतीर्थ और अन्य गांवों) में पिछले सोमवार से हर दिन शाम 7 बजे से रात 11 बजे तक अघोषित बिजली कटौती की जा रही है। बिजली न होने के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई का नुकसान हो रहा है और नागरिक भीषण गर्मी तथा बीमारियों से परेशान हैं। पत्र में चेतावनी दी गई है कि यदि 18 जुलाई 2026 की रात को फिर से बिजली कटौती की गई, तो वे बिजली वितरण केंद्र के परिसर में “झोपा आंदोलन” (सोकर किया जाने वाला विरोध प्रदर्शन) करेंगे। पत्र ग्राम पंचायत सदस्य बबन नारायणराव देशमुख और अन्य ग्रामीणों ने हस्ताक्षर भी किए हैं।

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