Home उत्तर प्रदेश उन्नाव उन्नावः किशोरी की डेंगू से मौत के बाद भी जिम्मेदार बेफिक्र

उन्नावः किशोरी की डेंगू से मौत के बाद भी जिम्मेदार बेफिक्र

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फतेहपुर हामजा गांव के मुख्य मार्ग पर भरे पानी के किनारे से निकलती महिला व बच्ची। संवाद

फतेहपुर हामजा गांव के मुख्य मार्ग पर भरे पानी के किनारे से निकलती महिला व बच्ची। संवाद
– फोटो : UNNAO

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गंजमुरादाबाद। फतेहपुर हामजा गांव में डेंगू से किशोरी की मौत और कई के बुखार की चपेट में होने के बाद भी न तो स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया और न ही क्षेत्र पंचायत कार्यालय ने साफ-सफाई के लिए कोई कदम उठाए। बुखार पीड़ितों की बढ़ती संख्या से ग्रामीणों में दहशत है।
कस्बे से एक किमी दूर स्थित फतेहपुर हमजा गांव में सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए एक माह पहले सफाई कर्मचारी की तैनाती की गई। लेकिन सफाईकर्मी के नियमित गांव न पहुंचने से गंदगी और जगह-जगह जलभराव है। इससे मच्छरों की बहुतायत है।
मंगलवार को गांव में शहीम की 17 वर्षीय बेटी फौजिया की लखनऊ में एक नर्सिंगहोम में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। परिजनों के अनुसार, नर्सिंगहोम के डॉक्टर डेंगू की पुष्टि कर इलाज कर रहे थे। वहीं, भोलू, मुन्नू, रामखेलावन, गुरियल, पप्पू, सुरेश कुमार, राजाराम, हलीमा, जुनैद, नसरीन, गुलफ्सा, और सलमा सहित बीस से अधिक लोग तेज बुखार की चपेट में हैं और विभिन्न अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं।
इसके बाद भी अब तक न स्वास्थ्य विभाग टीम गांव पहुंची और न ही क्षेत्र पंचायत कार्यालय से सफाई कर्मचारियों को गांव भेजा गया। ग्राम प्रधान मशरूर अहमद सहित अन्य ग्रामीणों ने गांव की समुचित सफाई और बीमार लोगों का उपचार कराने की मांग की है। बीडीओ सुरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि छुट्टी होने के कारण अव्यवस्था हुई है। शुक्रवार को गांव जाकर स्थिति का जायजा लेंगे और फिर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

यह भी पढ़ें -  Unnao News: किशोरी और युवक सहित तीन के फंदे से लटके मिले शव

गंजमुरादाबाद। फतेहपुर हामजा गांव में डेंगू से किशोरी की मौत और कई के बुखार की चपेट में होने के बाद भी न तो स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया और न ही क्षेत्र पंचायत कार्यालय ने साफ-सफाई के लिए कोई कदम उठाए। बुखार पीड़ितों की बढ़ती संख्या से ग्रामीणों में दहशत है।

कस्बे से एक किमी दूर स्थित फतेहपुर हमजा गांव में सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए एक माह पहले सफाई कर्मचारी की तैनाती की गई। लेकिन सफाईकर्मी के नियमित गांव न पहुंचने से गंदगी और जगह-जगह जलभराव है। इससे मच्छरों की बहुतायत है।

मंगलवार को गांव में शहीम की 17 वर्षीय बेटी फौजिया की लखनऊ में एक नर्सिंगहोम में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। परिजनों के अनुसार, नर्सिंगहोम के डॉक्टर डेंगू की पुष्टि कर इलाज कर रहे थे। वहीं, भोलू, मुन्नू, रामखेलावन, गुरियल, पप्पू, सुरेश कुमार, राजाराम, हलीमा, जुनैद, नसरीन, गुलफ्सा, और सलमा सहित बीस से अधिक लोग तेज बुखार की चपेट में हैं और विभिन्न अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं।

इसके बाद भी अब तक न स्वास्थ्य विभाग टीम गांव पहुंची और न ही क्षेत्र पंचायत कार्यालय से सफाई कर्मचारियों को गांव भेजा गया। ग्राम प्रधान मशरूर अहमद सहित अन्य ग्रामीणों ने गांव की समुचित सफाई और बीमार लोगों का उपचार कराने की मांग की है। बीडीओ सुरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि छुट्टी होने के कारण अव्यवस्था हुई है। शुक्रवार को गांव जाकर स्थिति का जायजा लेंगे और फिर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।



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