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उन्नावः बिजली गुल, टॉर्च की रोशनी में डॉक्टरों ने देखे मरीज

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चकलवंशी। मियागंज स्वास्थ्य केंद्र में बजट की कमी से जनरेटर के लिए डीजल नहीं आ पा रहा है। बिजली जाने पर डॉक्टर टार्च की रोशनी में मरीजों को देख रहे हैं। पंखा न चलने से चिकित्सा कर्मी, मरीज और तीमारदार सभी परेशान हैं।
ब्लाक मियागंज क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बिजली की किल्लत बनी हुई है। डीजल के लिए बजट न होने से बिजली जाने पर डॉक्टरों को मोबाइल की रोशनी से मरीज देखने पड़ रहे हैं। सोमवार को ओपीडी के दौरान बिजली जाने पर अंधेरा हो गया।
इनवर्टर की व्यवस्था सिर्फ सीएचसी प्रभारी के कक्ष में होने से अस्पताल के अन्य डॉक्टर, मरीज और तीमारदार गर्मी में बेहाल हो गए। मजबूरन डॉक्टरों ने टॉर्च की रोशनी से मरीजों को देखा।
सीएचसी प्रभारी डॉ. दूधनाथ ने बताया कि जनरेटर के लिए डेढ़ साल से बजट नहीं मिला है। कई बार पत्र लिखा पर कोई हल नहीं निकला। बिजली की आंखमिचौनी से जो बिजली के उपकरण लगे हैं वह भी खराब हो रहे हैं।

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चकलवंशी। मियागंज स्वास्थ्य केंद्र में बजट की कमी से जनरेटर के लिए डीजल नहीं आ पा रहा है। बिजली जाने पर डॉक्टर टार्च की रोशनी में मरीजों को देख रहे हैं। पंखा न चलने से चिकित्सा कर्मी, मरीज और तीमारदार सभी परेशान हैं।

ब्लाक मियागंज क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बिजली की किल्लत बनी हुई है। डीजल के लिए बजट न होने से बिजली जाने पर डॉक्टरों को मोबाइल की रोशनी से मरीज देखने पड़ रहे हैं। सोमवार को ओपीडी के दौरान बिजली जाने पर अंधेरा हो गया।

इनवर्टर की व्यवस्था सिर्फ सीएचसी प्रभारी के कक्ष में होने से अस्पताल के अन्य डॉक्टर, मरीज और तीमारदार गर्मी में बेहाल हो गए। मजबूरन डॉक्टरों ने टॉर्च की रोशनी से मरीजों को देखा।

सीएचसी प्रभारी डॉ. दूधनाथ ने बताया कि जनरेटर के लिए डेढ़ साल से बजट नहीं मिला है। कई बार पत्र लिखा पर कोई हल नहीं निकला। बिजली की आंखमिचौनी से जो बिजली के उपकरण लगे हैं वह भी खराब हो रहे हैं।

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