नई दिल्ली। दिल्ली की एक अदालत ने बृहस्पतिवार को लालकिला विस्फोट मामले में चार आरोपियों को 10 दिन की एनआईए हिरासत में भेज दिया। इन लोगों को 10 नवंबर को लाल किले के निकट हुए कार विस्फोट के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था। इस विस्फोट में 15 लोग मारे गए थे।
विस्फोट के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मुजम्मिल गनई, अदील राथर और शाहीना सईद के साथ-साथ मौलवी इरफान अहमद वागे को गिरफ्तार कर लिया था। इससे पहले दिन में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने उन्हें श्रीनगर में हिरासत में लिया और पटियाला हाउस अदालत में पेश किया।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश अंजू बजाज चांदना ने चारों आरोपियों को 10 दिन की एनआईए हिरासत में भेज दिया। एनआईए ने चारों आरोपियों से पूछताछ के लिए अदालत से 15 दिन की हिरासत का अनुरोध किया था। अदालत परिसर में भारी सुरक्षा थी और दिल्ली पुलिस के जवानों के साथ त्वरित कार्रवाई बल (आरएएफ) की टुकड़ी भी तैनात थी।
अदालत की कार्यवाही के दौरान मीडियाकर्मियों को अंदर आने से रोक दिया गया। इन गिरफ्तारियों के साथ, ‘सफेदपोश’ आतंकी साजिश के सिलसिले में गिरफ्तार लोगों की संख्या बढ़कर छह हो गई है। एनआईए पहले से ही दो आरोपियों आमिर राशिद अली और जसीर बिलाल वानी उर्फ दानिश को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।








