लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ समेत पूरे प्रदेश में ईद-उल-अजहा (बकरीद) का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। शहर की सड़कों पर खुशी का माहौल छाया हुआ है और बड़ी संख्या में लोग मस्जिदों व ईदगाहों में नमाज अदा करने पहुंच रहे हैं। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट ने पूरे शहर में चाक-चौबंद व्यवस्था की है। संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) बबलू कुमार के नेतृत्व में शहर को 4 जोन और 5 सेक्टरों में बांटा गया है। सुरक्षा ड्यूटी पर 24 वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, 1347 जवान और 6 कंपनी PAC तैनात किए गए हैं।
शहर के प्रमुख स्थानों- ऐशबाग ईदगाह, टीले वाली मस्जिद और बड़ा इमामबाड़ा समेत पूरे लखनऊ में सीसीटीवी कैमरों की निगरानी रखी जा रही है। भीड़भाड़ वाले इलाकों में पिंक पेट्रोल, एंटी रोमियो स्क्वॉड और यूपी-112 की गाड़ियां लगातार गश्त कर रही हैं। महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा के लिए सादे कपड़ों में महिला पुलिसकर्मी भी तैनात हैं। कंट्रोल रूम से रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है।
लखनऊ पुलिस ने जनता से अपील की है कि सोशल मीडिया पर फैल रही किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें। वहीं मुस्लिम धर्मगुरुओं ने भी अपील की है कि नमाज मस्जिद और ईदगाह के अंदर ही अदा करें, सड़कों पर न पढ़ें। कुर्बानी घर के अंदर या अधिकृत स्लॉटर हाउस में ही करें, खुले में न करें। नमाज के बाद लोग एक-दूसरे को गले मिलकर मुबारकबाद दे रहे हैं और कुर्बानी का सिलसिला भी शुरू हो गया है।
लखनऊ के प्रसिद्ध ऐशबाग ईदगाह में सुबह 10 बजे बकरीद (ईद-उल-अजहा) की नमाज शांतिपूर्ण ढंग से अदा की गई। नमाज की इमामत मुस्लिम धर्मगुरु खालिद रशीद फिरंगीमहली ने की। नमाज के बाद कुर्बानी का सिलसिला शुरू होने वाला है।
कन्नौज जिले में भी बकरीद की नमाज को लेकर पुलिस-प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। डीएम और एसपी सुबह से ही जिले की विभिन्न ईदगाहों का निरीक्षण कर रहे थे। ईदगाहों, मस्जिदों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में ड्रोन कैमरों से लगातार निगरानी की जा रही है।
संभल जिले में सपा नेता ने ईदगाह में नमाज अदा करने पहुंचे नमाजियों पर फूल बरसाए। फूलों की महक के साथ उन्होंने संभल और पूरे भारत में खुशहाली की दुआ की। शासन की गाइडलाइंस का पालन करते हुए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में नमाज अदा की गई। मौलाना जहीरुल इस्लाम ने नमाज पढ़ाई। डीएम और एसपी मौके पर मौजूद रहे। जिले की 828 मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज हुई। प्रशासन के इंतजामों की लोगों ने सराहना की।
एटा जिले में 137 मस्जिदों और 39 ईदगाहों में नमाज अदा की गई। डीएम अरविंद सिंह और एसएसपी डॉ. इलामारन ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। धर्म नगरी मथुरा में शाही ईदगाह मस्जिद पर हर्षोल्लास के साथ नमाज हुई। कड़ी सुरक्षा के बीच गणमान्य व्यक्ति और राजनीतिक नेताओं ने मुस्लिम भाइयों को बधाई दी। गंगा-जमुनी तहजीब का नजारा देखने को मिला। सड़कों पर नमाज न हो, इसके लिए भारी फोर्स तैनात रही।
बागपत में भी सभी मस्जिदों और ईदगाहों पर शांतिपूर्ण नमाज हुई। डीएम और एसपी ईदगाह पर मौजूद रहे। आगरा में पुलिस की सख्त सुरक्षा में नमाज अदा की गई। ड्रोन कैमरों से निगरानी रखी गई और शहर को 6 जोनों में बांटकर व्यवस्था की गई।
रामनगरी अयोध्या में सिविल लाइन ईदगाह समेत करीब 111 ईदगाहों और 211 मस्जिदों में बड़ी संख्या में नमाज अदा की गई। कुछ स्थानों पर ईदगाह क्षमता से अधिक भीड़ होने के कारण सड़कों पर भी नमाज पढ़ी गई। जिला प्रशासन ने ड्रोन, सीसीटीवी और भारी सुरक्षा बलों के साथ व्यापक तैयारी की थी। जनप्रतिनिधियों ने मुस्लिम भाइयों को बधाई दी।मेरठ जोन में पूरी तरह शांतिपूर्ण
मेरठ जोन में नमाज सकुशल संपन्न हुई। एडीजी भानु भास्कर ने बताया कि कहीं भी सड़क पर नमाज नहीं पढ़ी गई।
बरेली के प्रमुख मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना शहाबुद्दीन रिजवी ने मुसलमानों से अपील की कि कोई नई परंपरा न अपनाई जाए। उन्होंने कहा: सड़क पर नमाज बिल्कुल न पढ़ें।
मस्जिद में भीड़ ज्यादा हो तो एक से अधिक जमात लगाएं।
प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी न करें।
कुर्बानी के बाद अवशेष ठीक से नष्ट करें, इधर-उधर न फेंकें।
कुर्बानी का वीडियो या फोटो सोशल मीडिया पर न डालें।
समूचे उत्तर प्रदेश में बकरीद के मौके पर प्रशासन की सतर्कता और धार्मिक नेताओं की अपील से शांतिपूर्ण वातावरण बना रहा।
ईद-उल-जुहा (बकरीद) के मद्देनजर योगी सरकार ने प्रदेशभर में अवैध पशुवध और नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की ओर से जारी शासनादेश में सभी जिलाधिकारियों, पुलिस आयुक्तों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों और पुलिस अधीक्षकों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।
विशेष सचिव नीरजा सक्सेना द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि बकरीद के दौरान प्रदेश के सभी जनपदों में स्थित पशुवधशालाओं यानी स्लॉटर हाउस का विशेष निरीक्षण कराया जाए। इसके लिए जिलास्तर पर टीमें गठित कर नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया है। शासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्थिति में अवैध पशुवध नहीं होना चाहिए और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ संबंधित अधिनियमों और नियमों के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
शासनादेश में यह भी निर्देश दिया गया है कि वैध स्लॉटर हाउसों में निर्धारित पशुवध क्षमता का कड़ाई से पालन कराया जाए। क्षमता से अधिक पशुवध या बिना अनुमति संचालन की शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया है। सरकार ने नगर विकास विभाग के वर्ष 2017 में जारी शासनादेश का हवाला देते हुए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय समितियों को सक्रिय रखने के निर्देश दिए हैं।
सूत्रों के मुताबिक, जिलों में जल्द ही संयुक्त टीमों द्वारा निरीक्षण अभियान शुरू किया जाएगा। प्रशासन को संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने तथा किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया है। शासन ने आदेशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया है।








