लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवाओं और महिलाओं को रोजगार का बड़ा तोहफा देते हुए राज्य में बड़े पैमाने पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायकों की भर्ती का ऐलान किया है। लोक भवन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने बताया कि प्रदेश में इस साल 5,000 से अधिक आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और 60,000 से अधिक सहायकों की नियुक्तियां की जाएंगी। उन्होंने साफ किया कि इस बंपर भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है।
मुख्यमंत्री ने आंगनवाड़ी कर्मियों के कल्याण पर जोर देते हुए कहा कि सरकार उनकी सामाजिक सुरक्षा को लेकर बेहद गंभीर है। अब इन कार्यकर्ताओं को केंद्र सरकार की दो बड़ी योजनाओं से जोड़ दिया गया है। पहला है प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और दूसरा प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना है। इसके साथ ही, आयुष्मान भारत योजना के दायरे को बढ़ाते हुए 3 लाख से अधिक आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को हर साल 5 लाख रुपए तक का मुफ्त स्वास्थ्य बीमा (कैशलेस इलाज) कवर दिया जा रहा है।
साल 2017 से पहले की सरकारों पर तीखा हमला बोलते हुए सीएम योगी ने कहा कि पहले पोषण पूरक वितरण में भारी गड़बड़ी और भ्रष्टाचार होता था, जिसके कारण असली लाभार्थियों तक योजना का लाभ नहीं पहुंच पाता था। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार ने इस पूरी लचर व्यवस्था को उखाड़ फेंका है। अब नियुक्तियों में पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है और केवल योग्यता (मेरिट) के आधार पर ही चयन हो रहा है।
डिजिटलाइजेशन के इस दौर में उत्तर प्रदेश की आंगनवाड़ियों को भी स्मार्ट बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि बाल विकास कार्यक्रमों को पूरी तरह डिजिटल करने के लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को स्मार्टफोन दिए जाएंगे। इससे ग्राउंड लेवल का रियल-टाइम डेटा कलेक्ट करना आसान होगा और सरकारी योजनाओं की निगरानी सीधे और बेहतर तरीके से हो सकेगी।
नई शिक्षा नीति के तहत आंगनवाड़ी केंद्रों की भूमिका अब और महत्वपूर्ण होने जा रही है। 3 से 5 साल तक के मासूम बच्चों के लिए प्री-प्राइमरी कक्षाओं का संचालन इन्हीं आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से किया जाएगा। वहीं बेसिक शिक्षा को मजबूत करने के लिए प्राथमिक शिक्षा विभाग के 27,000 केंद्रों को आंगनवाड़ी नेटवर्क के साथ इंटीग्रेट (जोड़ा) किया जाएगा।
इन्फ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने के लिए सीएम योगी ने बताया कि राज्य में 137 करोड़ रुपए की लागत से नए और आधुनिक आंगनवाड़ी केंद्रों का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा, कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 313 करोड़ रुपए की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया।
मुख्यमंत्री ने कोरोना काल के संकट को याद करते हुए आंगनवाड़ी, आशा (ASHA) और एएनएम (ANM) कार्यकर्ताओं के जज्बे को सलाम किया। उन्होंने कहा कि इन फ्रंटलाइन वर्कर्स ने महामारी के दौरान अपनी जान जोखिम में डालकर जमीनी स्तर पर जो स्वास्थ्य सेवाएं दीं, वह वाकई सराहनीय है।








