लखनऊ। समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को महंगाई और बढ़ती कीमतों के विरोध में कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन की शुरुआत कैसरबाग स्थित सपा जिला कार्यालय से हुई, जहां से कार्यकर्ता हाथों में पार्टी के झंडे और सिर पर लाल टोपी पहनकर नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट की ओर रवाना हुए। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया।
प्रदर्शन को अलग अंदाज देने के लिए कई सपा कार्यकर्ता बैलगाड़ियों पर सवार होकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। कार्यकर्ताओं का कहना था कि पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। ईंधन महंगा होने से परिवहन खर्च बढ़ा है, जिसका असर रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ा है। इसी वजह से उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से बैलगाड़ी का इस्तेमाल कर सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शन में कुछ कार्यकर्ता अर्धनग्न अवस्था में भी शामिल हुए। उनका कहना था कि बढ़ती महंगाई ने आम लोगों की आर्थिक स्थिति को कमजोर कर दिया है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि महंगाई के कारण लोगों के लिए दैनिक जरूरतों का खर्च उठाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों के कारण आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
इस प्रदर्शन में विधायक रविदास मेहरोत्रा के अलावा लोहिया वाहिनी, यूथ ब्रिगेड और समाजवादी छात्र सभा के कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी भी शामिल रहे। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए महंगाई पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। कलेक्ट्रेट पहुंचकर उन्होंने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन भी प्रशासन को सौंपा।
सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में जनता लगातार महंगाई की मार झेल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों का असर हर वर्ग पर पड़ रहा है। साथ ही उन्होंने मंदिरों में चंदे से जुड़े कथित मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि करोड़ों रुपये के चंदे में गड़बड़ी की खबरें सामने आ रही हैं, जो श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने सरकार से महंगाई कम करने और जनता को राहत देने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की।








