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उन्नाव, बाराबंकी और मोहनलालगंज तक दौड़ेगी मेट्रो, 10 नए कॉरिडोर का मेगा प्लान प्रस्तावित

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लखनऊ। राजधानी लखनऊ में मेट्रो नेटवर्क को दिल्ली-एनसीआर की तर्ज पर आसपास के जिलों तक विस्तारित करने की तैयारी शुरू हो गई है। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (UPMRC) ने 10 नए कॉरिडोर वाला मेगा प्लान तैयार किया है, जिसके तहत लखनऊ के साथ बाराबंकी, मोहनलालगंज और उन्नाव की दिशा में भी मेट्रो कनेक्टिविटी विकसित की जाएगी। प्रस्तावित परियोजना के तहत अगले 10 सालों में 150 से 170 किलोमीटर का नया नेटवर्क तैयार करने की योजना है। इनमें करीब 150 किलोमीटर हिस्सा एलिवेटेड होगा, जबकि लगभग 20 किलोमीटर सेक्शन भूमिगत बनाया जाएगा। पूरे विस्तार प्रोजेक्ट पर लगभग 30 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

लखनऊ मेट्रो के फेज-1बी के तहत चारबाग से वसंतकुंज तक 11.16 किलोमीटर लंबे ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर को सबसे अहम परियोजना माना जा रहा है। इस लाइन में 7 स्टेशन भूमिगत और 5 स्टेशन एलिवेटेड होंगे। यह कॉरिडोर चारबाग से अमीनाबाद, चौक और पुराने शहर के घनी आबादी वाले हिस्सों से गुजरते हुए ठाकुरगंज और वसंतकुंज तक पहुंचेगा। इस परियोजना को यूपी कैबिनेट और केंद्रीय आवासन एवं शहरी मामलों के मंत्रालय से मंजूरी मिल चुकी है और इसे सबसे पहले जमीन पर उतारने की तैयारी चल रही है।

राजाजीपुरम से IIM तक बनेगा एजुकेशन कॉरिडोर
करीब 18 किलोमीटर लंबे राजाजीपुरम-आईआईएम कॉरिडोर का उद्देश्य पश्चिमी लखनऊ को उत्तर दिशा के प्रमुख शैक्षणिक केंद्रों से जोड़ना है। यह लाइन राजाजीपुरम की घनी आबादी से निकलकर दुबग्गा, हरदोई रोड और आईआईएम लखनऊ क्षेत्र तक पहुंचेगी। इससे छात्रों, शिक्षकों और आसपास विकसित हो रहे नए आवासीय क्षेत्रों को सीधा मेट्रो कनेक्शन मिलेगा।

एयरपोर्ट से कल्ली पश्चिम तक दक्षिणी लखनऊ को मिलेगी नई लाइन
चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से कल्ली पश्चिम तक 15.5 किलोमीटर लंबा नया कॉरिडोर प्रस्तावित किया गया है। यह लाइन अमौसी और दक्षिणी लखनऊ के क्षेत्रों को जोड़ते हुए रायबरेली रोड के पास स्थित कल्ली पश्चिम तक पहुंचेगी। इस रूट से एयरपोर्ट आने-जाने वाले यात्रियों के अलावा दक्षिणी लखनऊ के लोगों को भी बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

इंदिरा नगर से सीजी सिटी तक सीधे जुड़ेगा ट्रांस गोमती क्षेत्र
करीब 11.5 किलोमीटर लंबे इंदिरा नगर-सीजी सिटी कॉरिडोर के जरिए ट्रांस गोमती क्षेत्र को शहीद पथ और चक्र गजरिया सिटी से जोड़ा जाएगा। यह लाइन आईटी सिटी, कॉरपोरेट हब और नए विकसित हो रहे संस्थागत क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे गोमती नगर, इंदिरा नगर और सीजी सिटी के बीच आवागमन आसान होगा।

सीजी सिटी से एसजीपीजीआई तक मरीजों और डॉक्टरों को मिलेगी राहत
लगभग 9.8 किलोमीटर लंबे सीजी सिटी-एसजीपीजीआई कॉरिडोर का उद्देश्य शहीद पथ और चक्र गजरिया क्षेत्र को सीधे संजय गांधी पीजीआई से जोड़ना है। बड़ी संख्या में इलाज के लिए आने वाले मरीजों, तीमारदारों और चिकित्सा कर्मियों को इस लाइन से फायदा मिलेगा। स्वास्थ्य सेवाओं के लिहाज से इसे महत्वपूर्ण कॉरिडोर माना जा रहा है।

वसंतकुंज से कल्ली पश्चिम तक बनेगा सबसे लंबा कॉरिडोर
करीब 34.8 किलोमीटर लंबा वसंतकुंज-कल्ली पश्चिम कॉरिडोर पूरे महाविस्तार योजना का सबसे बड़ा रूट होगा। यह पश्चिमी लखनऊ के वसंतकुंज क्षेत्र को आउटर रिंग रोड और रायबरेली रोड के पास स्थित कल्ली पश्चिम से जोड़ेगा। प्रस्तावित स्मार्ट टाउनशिप और नए आवासीय क्षेत्रों के विकास को देखते हुए इस रूट को भविष्य की जरूरतों के हिसाब से तैयार किया गया है।

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अनौरा कला से बाराबंकी तक पहुंचेगी मेट्रो
लखनऊ मेट्रो पहली बार राजधानी की सीमा से बाहर निकलकर पड़ोसी जिले बाराबंकी तक पहुंचेगी। करीब 14.43 किलोमीटर लंबे अनौरा कला-बाराबंकी कॉरिडोर के जरिए अयोध्या रोड पर स्थित तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों को सीधे बाराबंकी से जोड़ा जाएगा। रोजाना अप-डाउन करने वाले हजारों कर्मचारियों और छात्रों को इससे बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

मुंशीपुलिया से जानकीपुरम तक रेड लाइन का विस्तार
मौजूदा रेड लाइन के अंतिम स्टेशन मुंशीपुलिया से आगे लगभग 6.5 किलोमीटर का विस्तार प्रस्तावित है। यह लाइन जानकीपुरम, इंजीनियरिंग कॉलेज और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (AKTU) की दिशा में बढ़ेगी। इससे छात्रों और स्थानीय निवासियों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिल सकेगी।

इंदिरा नगर से अनौरा कला तक अयोध्या रोड को मिलेगी मेट्रो
करीब 9.6 किलोमीटर लंबे इंदिरा नगर-अनौरा कला कॉरिडोर के जरिए फैजाबाद रोड और बीबीडी विश्वविद्यालय क्षेत्र को मुख्य शहर की मेट्रो लाइन से जोड़ा जाएगा। अयोध्या रोड पर तेजी से बढ़ रही आबादी और शैक्षणिक संस्थानों को देखते हुए इस रूट को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

पश्चिमी लखनऊ के लिए इंटर-कनेक्टिंग लूप भी तैयार होंगे
पश्चिमी हिस्से में मजबूत ट्रांजिट ग्रिड विकसित करने के लिए लगभग 5.98 किलोमीटर लंबे राजाजीपुरम-मूसाबाग कॉरिडोर और करीब 12 किलोमीटर लंबे वसंतकुंज-आईआईएम लिंक कॉरिडोर का भी प्रस्ताव है। इन दोनों इंटर-कनेक्टिंग रूटों के जरिए पश्चिमी और उत्तरी लखनऊ के बीच मेट्रो नेटवर्क को और मजबूत किया जाएगा, जिससे यात्रियों को एक ही दिशा में निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

30 हजार करोड़ की लागत, चरणबद्ध तरीके से बनेगा नेटवर्क
यूपीएमआरसी के प्रस्ताव के मुताबिक पूरे महाविस्तार प्रोजेक्ट पर करीब 30 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। सभी नए स्टेशनों पर ई-बाइक, ई-साइकिल और मल्टीलेवल पार्किंग जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। मुख्यमंत्री कार्यालय और मुख्य सचिव स्तर पर सैद्धांतिक सहमति मिलने के बाद यूपीएमआरसी अलग-अलग कॉरिडोर की डीपीआर और फंडिंग मॉडल तैयार कर रहा है। शुरुआती चरण में चारबाग-वसंतकुंज ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर और अयोध्या रोड व पीजीआई की दिशा वाले व्यस्त रूटों पर काम तेज किए जाने की संभावना है।

मेट्रो सिर्फ परिवहन का साधन नहीं, शहरी अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना- योगी
मेट्रो प्रोजेक्ट्स की हाई-लेवल रिव्यू मीटिंग में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि UP को देश में आधुनिक, सुलभ और विश्व स्तरीय शहरी परिवहन प्रणाली में अग्रणी राज्य बनाना। उन्होंने जोर दिया कि मेट्रो सिर्फ परिवहन का साधन नहीं, बल्कि शहरी अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने और निवेश आकर्षित करने का शक्तिशाली उत्प्रेरक है। इसके अलावा बैठक में उन्होंने सभी कार्य समयसीमा के अंदर और उच्चतम गुणवत्ता मानकों के साथ पूरे करने के निर्देश दिए। साथ ही निर्माण से लेकर संचालन तक हर स्तर पर दक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

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