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कितने सही होते हैं एग्जिट पोल?: जिन पांच राज्यों में चुनाव हुए, 2017 में उनके लिए पोल में क्या-क्या कहा गया था?

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सार

उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों में चुनाव खत्म हो चुका है। अब सबकी निगाहें परिणाम पर टिकी हैं। दस मार्च की सुबह से ही पहले रुझान और फिर नतीजे आने लगेंगे। 
 

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10 फरवरी से सात मार्च के बीच उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर और गोवा में विधानसभा चुनाव संपन्न हो गए। इन सभी राज्यों के नतीजे 10 मार्च को आने हैं। इससे पहले आज अलग-अलग एजेंसियों के एग्जिट पोल जारी किए गए। इन पोल के जरिए ये बताने की कोशिश हुई कि किस राज्य में कौन सी पार्टी सरकार बनाने जा रही है या कितनी सीटें जीत रही है। 

हम आपको पिछले कुछ चुनावों के रिजल्ट और एग्जिट पोल के आंकड़े बताने जा रहे हैं। इससे आप समझ पाएंगे कि ये पोल कितना सही होता है? क्या इनमें किए गए दावों में कुछ हकीकत होती है या नहीं? 

चुनावी राज्यों के लिए एग्जिट पोल में 2017 में क्या कहा गया था और नतीजे क्या निकले?
 
 
यूपी में भी पिछली बार यानी 2017 में भी सात चरणों में चुनाव हुए थे। यूपी में 403 सीटें हैं और यहां बहुमत का आंकड़ा 202 है। टुडे चाणक्य और एक्सिस ने अपने पोल में बताया था कि भाजपा पूर्ण बहुमत के साथ सरकार में आएगी। वीएमआर के पोल में बहुमत के काफी करीब भाजपा को बताया गया था, जबकि सी वोटर्स, इंडिया टीवी फोरकास्ट, एबीपी न्यूज-सीएसडीएस ने बहुमत से काफी दूर बताया था। नतीजे इसके उलट हुए। भाजपा को इन सभी एग्जिट पोल से काफी ज्यादा सीटें मिलीं।   

जब नतीजे आए तो एक भी एग्जिट पोल सही साबित नहीं हुआ। भाजपा गठबंधन को एक्सिस के सर्वे में अधिकतम 279 सीटें मिली थीं। लेकिन, नतीजों में भाजपा गठबंधन 325 सीटों पर विजयी रहा। अकेले भाजपा ने 312 सीटों पर जीत दर्ज की। सपा को 47, बसपा को 19 और कांग्रेस को केवल सात सीटें मिलीं।  
 
2017 उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में टुडेज चाणक्य ने भाजपा को 53 सीटें दी थीं, जबकि एक्सिस के सर्वे में भाजपा को 46 से 53 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया था। नतीजे में भाजपा को किसी भी सर्वे से ज्यादा सीटें मिलीं। नतीजों में भाजपा को 57 सीटें मिलीं, जबकि कांग्रेस महज 11 सीटें ही जीत पाई।  दो सीटों पर निर्दलीय जीतने में सफल रहे।
 
चार फरवरी 2017 को पंजाब की 117 सीटों पर चुनाव हुए थे। यहां बहुमत का आंकड़ा 59 है। एग्जिट पोल में न्यूज 24 और टुडे चाणक्य ने कांग्रेस को बहुमत के आंकड़े के आसपास बताया गया था, जबकि इंडिया टीवी और सी वोटर्स के सर्वे में आम आदमी पार्टी की सरकार बनते हुए दिखाई गई। नतीजा ठीक इसके उलट रहा। कांग्रेस ने यहां पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाई। 117 में से 77 सीटों पर कांग्रेस प्रत्याशियों की जीत हुई। आपा को लगभग सभी सर्वे में ज्यादा सीटें दिखाई गई थीं। नतीजे में उसकी आधी सीटें ही मिली।  

रिजल्ट:  कांग्रेस को सबसे ज्यादा 77, आप को 20, लोक इंसाफ पार्टी को दो सीटों मिलीं। एनडीए में शिरोमणि अकाली दल और भाजपा साथ मिलकर चुनाव लड़े थे। अकाली दल को 15 तो भाजपा को तीन सीटों पर जीत मिली।  
2017 मणिपुर विधानसभा चुनाव के लिए एग्जिट पोल का अनुमान गलत निकले थे। एग्जिट पोल में इंडिया टीवी सी-वोटर्स ने भाजपा को बहुमत के करीब बताया था। इसके उलट कांग्रेस की सीटें काफी कम कर दी गईं थीं। नतीजे इसके उलट निकले। हालांकि, बाद में कांग्रेस के कई विधायकों को तोड़कर भाजपा सरकार बनाने में कामयाब हो गई थी। राज्य में 60 सीटें हैं और बहुमत का आंकड़ा 31 है। नतीजों में कांग्रेस ने 28 सीटों पर जीत हासिल की थी। जबकि भाजपा के 21 उम्मीदवार जीते थे। 
2017 गोवा विधानसभा चुनाव में लगभग सभी एग्जिट पोल के अनुमान गलत साबित हुए। लगभग सभी ने भाजपा को बहुमत के काफी करीब बताया था, लेकिन नजीते अलग निकले। सी-वोटर्स ने अनुमान लगाया था कि कांग्रेस को 12 से 18 सीटें मिल सकती हैं। ये अनुमान सही निकला और कांग्रेस के 17 प्रत्याशी जीते। हालांकि, भाजपा के लिए सी वोटर्स ने 15 से 21 सीटें जीतने का अनुमान लगाया था, जबकि नतीजे आए तो भाजपा के खाते में केवल 13 सीटें ही मिलीं। तीन सीटों पर एमजीएम उम्मीदवार जीते थे। हालांकि, बाद में कांग्रेस के कई विधायकों ने भाजपा का साथ दे दिया और भाजपा सरकार बनाने में कामयाब हुई। 
बीते कुछ महीनों में अगर दो सबसे चर्चित चुनावों की बात करें तो इसमें पश्चिम बंगाल और बिहार के चुनावों का नाम आएगा। इन दोनों राज्यों में भी अधिकांश एग्जिट पोल गलत साबित हुए थे।  

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2021 में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की चर्चा पूरे देश में रही। तब ज्यादातर एग्जिट पोल में अनुमान लगाया था कि सरकार तो ममता बनर्जी की बनेगी, लेकिन भाजपा कम से कम 100 सीटें जीतने में कामयाब हो जाएगी। यहां कुल 294 सीटें हैं और सरकार बनाने के लिए 148 का आंकड़ा छूना जरूरी था। नतीजे आए तो ममता बनर्जी ने पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाई, लेकिन भाजपा को उतनी सीटें नहीं मिल पाईं, जितना अनुमान था। भाजपा 77 सीटें पर ही सिमट गई। वहीं, ममता की पार्टी को 213 सीटें मिलीं। 
2020 बिहार विधानसभा चुनाव के लिए एग्जिट पोल के सभी दावे फेल हो गए। लगभग सभी पोल में महागठबंधन की सरकार बनती हुई दिखाई जा रही थी, लेकिन नतीजे आए तो एनडीए सरकार बनाने में कामयाब हुई। नतीजों में एनडीए गठबंधन को 125, महागठबंधन को 110 सीटें मिलीं थीं। पांच सीटों पर एआईएमआईएम और एक-एक सीट पर बसपा, लोजपा और निर्दलीय उम्मीदवार जीता। 

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10 फरवरी से सात मार्च के बीच उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर और गोवा में विधानसभा चुनाव संपन्न हो गए। इन सभी राज्यों के नतीजे 10 मार्च को आने हैं। इससे पहले आज अलग-अलग एजेंसियों के एग्जिट पोल जारी किए गए। इन पोल के जरिए ये बताने की कोशिश हुई कि किस राज्य में कौन सी पार्टी सरकार बनाने जा रही है या कितनी सीटें जीत रही है। 

हम आपको पिछले कुछ चुनावों के रिजल्ट और एग्जिट पोल के आंकड़े बताने जा रहे हैं। इससे आप समझ पाएंगे कि ये पोल कितना सही होता है? क्या इनमें किए गए दावों में कुछ हकीकत होती है या नहीं? 

चुनावी राज्यों के लिए एग्जिट पोल में 2017 में क्या कहा गया था और नतीजे क्या निकले?

 

 

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