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उन्नाव। शुक्लागंज मार्ग पर मगरवारा पुलिस चौकी से करीब 100 मीटर दूर रविवार दोपहर झाड़ी में नवजात बच्ची मिली। झाड़ियों में पड़ी बच्ची को कुत्तों का झुंड घेरे था। रोना सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने पुलिस और चाइल्ड लाइन को सूचना दी। हेल्पलाइन की टीम ने बच्ची को जिला अस्पताल के एसएनसीयू (न्यू सिक बॉर्न केयर यूनिट) में भर्ती कराया है। उसकी हालत स्थिर है।
सदर कोतवाली क्षेत्र की मगरवारा चौकी के पास झाड़ियों में नवजात बच्ची कपड़ों में लिपटी मिली। रविवार दोपहर उधर से निकल रहे लोगों ने रोना सुना तो मौके पर पहुंचे। लोगों की सूचना पर मगरवारा चौकी इंचार्ज संदीप मिश्रा और बच्ची को उठाकर चौकी ले गए।
सूचना पर पहुंची चाइल्ड लाइन को जानकारी दी। चाइल्ड लाइन प्रभारी दिवाकर ओझा और दिव्या अवस्थी टीम के साथ पहुंचे और बच्ची को जिला अस्पताल के एसएनसीयू में भर्ती कराया। डॉक्टर प्रदीप कुमार के अनुसार बच्ची की उम्र पांच से छह दिन है। उसकी हालत ठीक है।
चाइल्ड लाइन प्रभारी ने बताया कि 15 दिन तक बच्ची के परिजनों का इंतजार किया जाएगा। इस दौरान कोई परिजन आता है तो आवश्यक कार्यवाई पूरी कर सौंप दिया जाएगा। किसी परिजन के न आने पर बच्ची का वजन ढाई किलो से अधिक हो जाएगा तो लखनऊ बाल शिशु गृह भेजा जाएगा। इच्छुक लोग वहां से उसे गोद ले सकेंगे।
एक साल में चाइल्ड लाइन को जिले में पांच नवजात लावारिस हालात में मिल चुके हैं। छह माह पहले बिहार थाना क्षेत्र में मिले नवाजत बच्चे को जंगल में फेंका गया था। उसे जानवरों ने गंभीर रूप से घायल कर दिया था। सीएचसी ले जाते समय उसकी मौत हो गई थी। अन्य स्थानों पर मिले चार बच्चों का स्वास्थ्य ठीक होने पर उन्हें लखनऊ बाल शिशु गृह भेजा गया।
उन्नाव। शुक्लागंज मार्ग पर मगरवारा पुलिस चौकी से करीब 100 मीटर दूर रविवार दोपहर झाड़ी में नवजात बच्ची मिली। झाड़ियों में पड़ी बच्ची को कुत्तों का झुंड घेरे था। रोना सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने पुलिस और चाइल्ड लाइन को सूचना दी। हेल्पलाइन की टीम ने बच्ची को जिला अस्पताल के एसएनसीयू (न्यू सिक बॉर्न केयर यूनिट) में भर्ती कराया है। उसकी हालत स्थिर है।
सदर कोतवाली क्षेत्र की मगरवारा चौकी के पास झाड़ियों में नवजात बच्ची कपड़ों में लिपटी मिली। रविवार दोपहर उधर से निकल रहे लोगों ने रोना सुना तो मौके पर पहुंचे। लोगों की सूचना पर मगरवारा चौकी इंचार्ज संदीप मिश्रा और बच्ची को उठाकर चौकी ले गए।
सूचना पर पहुंची चाइल्ड लाइन को जानकारी दी। चाइल्ड लाइन प्रभारी दिवाकर ओझा और दिव्या अवस्थी टीम के साथ पहुंचे और बच्ची को जिला अस्पताल के एसएनसीयू में भर्ती कराया। डॉक्टर प्रदीप कुमार के अनुसार बच्ची की उम्र पांच से छह दिन है। उसकी हालत ठीक है।
चाइल्ड लाइन प्रभारी ने बताया कि 15 दिन तक बच्ची के परिजनों का इंतजार किया जाएगा। इस दौरान कोई परिजन आता है तो आवश्यक कार्यवाई पूरी कर सौंप दिया जाएगा। किसी परिजन के न आने पर बच्ची का वजन ढाई किलो से अधिक हो जाएगा तो लखनऊ बाल शिशु गृह भेजा जाएगा। इच्छुक लोग वहां से उसे गोद ले सकेंगे।
एक साल में चाइल्ड लाइन को जिले में पांच नवजात लावारिस हालात में मिल चुके हैं। छह माह पहले बिहार थाना क्षेत्र में मिले नवाजत बच्चे को जंगल में फेंका गया था। उसे जानवरों ने गंभीर रूप से घायल कर दिया था। सीएचसी ले जाते समय उसकी मौत हो गई थी। अन्य स्थानों पर मिले चार बच्चों का स्वास्थ्य ठीक होने पर उन्हें लखनऊ बाल शिशु गृह भेजा गया।
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