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गंजमुरादाबाद। बांगरमऊ तहसील क्षेत्र में फ्लोराइड युक्त जलापूर्ति से निजात दिलाने को लेकर दाखिल याचिका पर हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने सुनवाई की। मामले में अदालत ने सरकार और जिला प्रशासन को जल्द कदम उठाने के आदेश दिए हैं। जिससे कि लोगों को शुद्ध जल उपलब्ध हो सके। मामले की अगली सुनवाई 18 जनवरी को होगी।
बांगरमऊ तहसील क्षेत्र के ग्राम हरईपुर, ब्यौली इस्लामाबाद, महोलिया, रोशनाबाद, भिक्खनपुर गोपालपुर गांव के पानी में अधिक मात्रा में फ्लोराइड होने के कारण ग्रामीण विभिन्न प्रकार की बीमारियों की गिरफ्त में हैं। समस्या को लेकर इस्माइलपुर आंबापारा निवासी उच्च न्यायालय खंडपीठ लखनऊ के अधिवक्ता फारूक अहमद एडवोकेट ने हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में 12 दिसंबर जनहित याचिका दायर की थी।
याचिका में नई तकनीक से लैस पानी टंकी स्थापित कर फ्लोराइड मुक्त शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की मांग प्रदेश सरकार से की गई थी। 15 दिसंबर को न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय व न्यायमूर्ति सौरभ लवानिया की बेंच ने मामले की सुनवाई की। हाईकोर्ट की बेंच ने सरकार और डीएम को इस संबंध में उचित कदम उठाने के आदेश दिए।
सुनवाई के दौरान बेंच ने भी माना कि फ्लोराइड युक्त पानी गंभीर बीमारियां पैदा करता है। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 18 जनवरी मुकर्रर की है। कहा है कि इस बीच प्रमुख सचिव नमामि गंगे ग्रामीण जल आपूर्ति से विचार-विमर्श कर आवश्यक कदम उठाएं और अदालत को अगली तिथि पर सभी तथ्यों से अवगत कराएं।
गंजमुरादाबाद। बांगरमऊ तहसील क्षेत्र में फ्लोराइड युक्त जलापूर्ति से निजात दिलाने को लेकर दाखिल याचिका पर हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने सुनवाई की। मामले में अदालत ने सरकार और जिला प्रशासन को जल्द कदम उठाने के आदेश दिए हैं। जिससे कि लोगों को शुद्ध जल उपलब्ध हो सके। मामले की अगली सुनवाई 18 जनवरी को होगी।
बांगरमऊ तहसील क्षेत्र के ग्राम हरईपुर, ब्यौली इस्लामाबाद, महोलिया, रोशनाबाद, भिक्खनपुर गोपालपुर गांव के पानी में अधिक मात्रा में फ्लोराइड होने के कारण ग्रामीण विभिन्न प्रकार की बीमारियों की गिरफ्त में हैं। समस्या को लेकर इस्माइलपुर आंबापारा निवासी उच्च न्यायालय खंडपीठ लखनऊ के अधिवक्ता फारूक अहमद एडवोकेट ने हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में 12 दिसंबर जनहित याचिका दायर की थी।
याचिका में नई तकनीक से लैस पानी टंकी स्थापित कर फ्लोराइड मुक्त शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की मांग प्रदेश सरकार से की गई थी। 15 दिसंबर को न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय व न्यायमूर्ति सौरभ लवानिया की बेंच ने मामले की सुनवाई की। हाईकोर्ट की बेंच ने सरकार और डीएम को इस संबंध में उचित कदम उठाने के आदेश दिए।
सुनवाई के दौरान बेंच ने भी माना कि फ्लोराइड युक्त पानी गंभीर बीमारियां पैदा करता है। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 18 जनवरी मुकर्रर की है। कहा है कि इस बीच प्रमुख सचिव नमामि गंगे ग्रामीण जल आपूर्ति से विचार-विमर्श कर आवश्यक कदम उठाएं और अदालत को अगली तिथि पर सभी तथ्यों से अवगत कराएं।
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