लखनऊ : आंधी, तूफान और मूसलाधार बारिश ने गुरुवार रात प्रदेश में भारी तबाही मचाई। अलग-अलग जिलों में हुए हादसों में 19 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। सबसे बड़ा हादसा हमीरपुर में हुआ, जहां बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल की स्लैब ढहने से छह मजदूरों की जान चली गई। वहीं, सहारनपुर में अचानक आई बाढ़ में दो पर्यटकों की मौत हो गई। राजधानी लखनऊ में चारबाग रेलवे स्टेशन (लखनऊ जंक्शन) पर प्लेटफॉर्म संख्या पांच का टिन शेड गिरने से कई यात्री घायल हो गए।
हमीरपुर में गुरुवार रात करीब दो बजे आंधी और बारिश के बीच निर्माणाधीन पुल की शटरिंग और स्लैब भरभराकर गिर गई। मलबे में दबकर छह मजदूरों की मौत हो गई, जबकि तीन मजदूरों को सुरक्षित निकाल लिया गया। एसडीआरएफ ने सात घंटे तक राहत और बचाव अभियान चलाया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के आश्रितों को पांच-पांच लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता देने की घोषणा की है। हादसे के बाद सहायक अभियंता को निलंबित कर विभागीय जांच बैठा दी गई है।
सहारनपुर के शाकंभरी देवी क्षेत्र में पहाड़ों पर हुई बारिश के बाद अचानक बाढ़ जैसे हालात बन गए। तेज बहाव में कई वाहन बह गए और दो पर्यटकों की मौत हो गई। उरई में दो महिलाओं की मौत हुई, जबकि रेलवे की ओएचई लाइन पर तार गिरने से कानपुर-झांसी रेलमार्ग नौ घंटे तक बाधित रहा। देवरिया में भी रेलवे ट्रैक पर पेड़ और बिजली का तार गिरने से कई ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ। रायबरेली, अंबेडकरनगर, फतेहपुर, उन्नाव, महोबा और बांदा में पेड़, छप्पर, दीवार और आकाशीय बिजली से जुड़े हादसों में लोगों की जान गई। कुशीनगर, चित्रकूट, इटावा और कानपुर देहात में भी आंधी-बारिश ने भारी नुकसान पहुंचाया। कई स्थानों पर पेड़ उखड़ गए, मकान क्षतिग्रस्त हुए और बिजली आपूर्ति घंटों बाधित रही।
उरई में 500 से अधिक बिजली के खंभे गिर गए, जबकि बांदा, रायबरेली और कानपुर देहात में 12 से 20 घंटे तक बिजली व्यवस्था ठप रही। हजारों गांवों और कस्बों में अंधेरा छाया रहा। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए प्रदेश के कई हिस्सों में 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से आंधी और भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है।








