Home अपराध ट्रेन के अंदर चल रही थी शराब की सप्लाई, कोच अटेंडेंट गिरफ्तार

ट्रेन के अंदर चल रही थी शराब की सप्लाई, कोच अटेंडेंट गिरफ्तार

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धनबाद : रेल में शराब तस्करी का एक और हाई-टेक खेल उजागर हुआ है। धनबाद-अलेप्पी एक्सप्रेस में मिठाई के पैकेट के अंदर शराब छिपाकर तस्करी करने की कोशिश के दौरान आरपीएफ और सीआईबी ने ट्रेन के कोच अटेंडेंट समेत एक सप्लायर को गिरफ्तार किया है। दोनों के पास से कुल पांच मिठाई के पैकेट और उनमें छिपी 25 बोतल शराब बरामद हुई है।

धनबाद स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 7 पर धनबाद-अलेप्पी एक्सप्रेस की निगरानी में लगी आरपीएफ टीम को संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिली। तत्काल कार्रवाई करते हुए आरपीएफ और सीआईबी की संयुक्त टीम ने ट्रेन के बी-वन कोच की जांच शुरू की। जांच के दौरान सप्लायर ने अपने पिट्ठू बैग से चार मिठाई के पैकेट कोच अटेंडेंट को सौंपे। कोच अटेंडेंट ने चारों पैकेट कोच की अलमारी में रख दिया, जबकि एक पैकेट अपने पिट्ठू बैग में छिपा लिया। संदेह होने पर टीम ने दोनों को पकड़ लिया और तलाशी में पांचों पैकेट बरामद किए।

पूछताछ में खुलासा हुआ कि हर मिठाई के पैकेट में पांच-पांच बोतल शराब छिपाई गई थी। इस तरह कुल पांच पैकेटों में 25 बोतल शराब बरामद हुई। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में भूली ई-ब्लॉक का 45 वर्षीय शंकर कुमार और बोकारो का 30 वर्षीय राजेश रजवार शामिल हैं। कोच अटेंडेंट ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वह शराब छिपाकर ले जाता था और ट्रेन में यात्रियों को मुनाफे की कीमत पर उपलब्ध कराता था। दोनों आरोपियों को जब्त शराब के साथ उत्पाद विभाग को सौंप दिया गया है, जहां आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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धनबाद में शराब तस्करी के लगातार बढ़ते मामलों के बीच आरपीएफ पूरी तरह अलर्ट है। स्टेशन पर निगरानी, कोचों की जांच और सूचना मिलने पर त्वरित कार्रवाई के जरिए तस्करी के नए तरीकों को पकड़ने की कोशिश की जा रही है। हाल ही में धनबाद स्टेशन पर आरपीएफ ने बंगाल से बियर खरीदकर बिहार में अधिक दाम पर बेचने वाले एक तस्कर को पकड़ा था। इसके अलावा धनबाद-पटना गंगा-दामोदर एक्सप्रेस से भी शराब की खेप और तस्कर पकड़े जाने के मामले सामने आ चुके हैं।

अधिकारियों के अनुसार जब्त शराब और आरोपियों को उत्पाद विभाग को सौंप दिया गया है, जहां कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आरपीएफ इस बात पर भी जोर दे रहा है कि रेलवे कर्मचारियों की संलिप्तता की जांच के साथ ही तस्करी नेटवर्क के अन्य लोगों की पहचान की जाएगी। यह मामला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि तस्कर त्योहारी सीजन में मिठाई के पैकेट जैसे सामान्य दिखने वाले सामान का इस्तेमाल कर शराब की तस्करी कर रहे थे। आरपीएफ और सीआईबी की संयुक्त कार्रवाई से यह साफ है कि रेलवे सुरक्षा एजेंसियां ऐसे नए तरीकों पर पूरी नजर रख रही हैं।

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