उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में डबल मर्डर का एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। कादीपुर कोतवाली क्षेत्र के कुंभी डडिया गांव में 29 सितंबर की सुबह एक सरकारी शिक्षक और उनकी पत्नी की खून से सनी लाशें मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। मृतकों की पहचान 45 वर्षीय मुकेश सिंह और उनकी 43 वर्षीय पत्नी विनीता सिंह के रूप में हुई है। मुकेश सिंह खनुहट के कंपोजिट विद्यालय में प्रिंसिपल के पद पर कार्यरत थे, जबकि उनकी पत्नी गांव में ही मनराजी शिक्षण संस्थान चलाती थीं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हलचल मच गई और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए।
घटना का खुलासा मंगलवार सुबह करीब 7 बजे हुआ, जब स्कूल वैन का ड्राइवर राकेश यादव गाड़ी की चाबी लेने परिसर में पहुंचा। उसने स्कूल के एक कमरे में विनीता सिंह का शव खून से लथपथ हालत में देखा। उनके पास ही खून से सना फावड़ा पड़ा हुआ था। ड्राइवर के शोर मचाने पर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर इकट्ठा हो गए। छानबीन के दौरान विनीता के शव से करीब 150 मीटर दूर मुकेश सिंह का शव भी बरामद हुआ। पुलिस ने मौके से फावड़ा, कुल्हाड़ी और चाकू जैसे धारदार हथियार जब्त किए हैं, जिनका इस्तेमाल इस वारदात में किया गया था।
प्रारंभिक पुलिस जांच के अनुसार, हमलावरों ने पहले कमरे के भीतर विनीता पर हमला किया। मुकेश सिंह ने जान बचाने के लिए भागने का प्रयास किया होगा, लेकिन हमलावरों ने उनका पीछा कर कुछ दूरी पर उन्हें घेरकर मौत के घाट उतार दिया। मुकेश सिंह लंबे समय से शिक्षक राजनीति में सक्रिय थे और ब्लॉक शिक्षक संघ के अध्यक्ष रहे थे। 30 सितंबर को होने वाले चुनाव में भी वे उम्मीदवार थे, जिसे 28 सितंबर को स्थगित कर दिया गया था। वहीं विनीता सिंह ने पूर्व में जिला पंचायत का चुनाव लड़ा था। परिवार के पास करीब 35 बीघा पैतृक जमीन भी है। पुलिस चुनावी रंजिश और पुरानी जमीनी रंजिश दोनों पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ा रही है।
घटना की जानकारी मिलते ही एसपी विनीत जायसवाल और सीओ कादीपुर विनय गौतम पुलिस बल तथा फील्ड यूनिट के साथ मौके पर पहुंचे और साक्ष्य जुटाए। एसपी ने बताया कि मामले का जल्द से जल्द पर्दाफाश करने के लिए कई विशेष टीमों का गठन किया गया है। मुकेश अपने तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। उनका इकलौता बेटा अभ्युदय दिल्ली विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर रहा है, जिसके सिर से अचानक माता-पिता का साया उठ गया है। इस दोहरे हत्याकांड के बाद से पूरे गांव और शिक्षक वर्ग में भारी आक्रोश और दहशत का माहौल है।








