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बदायूं में गायों की मौत पर बड़ा एक्शन, दो पंचायत सचिव सस्पेंड, तीन संचालकों पर FIR

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यूपी के बदायूं में भारी बारिश के बीच गोशालाओं में गोवंशीय पशुओं की मौत पर बड़ा बवंडर मचा है। गायों की मौत पर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो पंचायत सचिवों को सस्पेंड कर दिया। दो डॉक्टरों के निलंबित करने की संस्तुति की है। गोवंश की मौत पर तीन गोशाला संचालकों के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के अंतर्गत एफआईआर दर्ज कराई है। इसमें एक को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया है। डीएम ने सीडीओ की अध्यक्षता में एक जांच कमेटी गठित कर जिलेभर की गोशालाओं को ऑडिट शुरू कर दिया है। ताकि गोशालाओं की हालात, गायों के संरक्षण के नाम पर जो मोटी धनराशि दी जा रही है-उसके खर्च की स्थिति स्पष्ट हो सके।

बदायूं के म्याऊं ब्लॉक के अभिगांव और सालारपुर ब्लॉक के ब्यौर की गोशालाओं में कई गायों की मौत हो गई। हिंदूवादी संगठनों ने 80 गायों की मौत बताई। हालांकि जिला प्रशासन ने करीब 20 गायों की मौत की पुष्टि की। शुरुआती जांच के आधार पर अभिगांव की पंचायत सचिव नौसी परवीन और ब्यौर ग्राम पंचायत के सचिव पवन कुमार को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया।

सीडीओ गामिनी सिंगला और ज्वाइंट मजिस्ट्रेट साईं आश्रित शाखमुरी की अध्यक्षता में गठित कमेटियों ने जांच की। रिपोर्ट के आधार पर दोनों गोशालाएं संचालित करने वाले एनजीओ को ब्लैकलिस्ट कर दिया। दोनों के खिलाफ एफआईआर कराई। इस मामले में अभिगांव गोशाला के संचालक को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

जिला प्रशासन ने गायों की मौत मामले में पंचायत सचिव और गौशाला संचालकों के साथ डॉक्टरों की भी लापरवाही मानी है। इसमें म्याऊं के पशु चिकित्साधिकारी डॉ. ज्ञानवीर सिंह, सालारपुर के पशु चिकित्साधिकारी डॉ. संजीव भुरिया के निलंबिन के लिए लिखा है। इसके अलावा मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. प्रेमकुमार कोहली के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा है।

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बेसहारा गोवंशीय पशुओं के संरक्षण के लिए सरकार करोड़ों का बजट खर्च कर रही है। सरकारी और निजी गोशालाओं को भी भरपूर बजट मिल रहा है। इसके बावजूद बेजुवान गायों की हालत खराब है। बदायूं की जिन गोशालाओं में कई पशुओं की मौत सामने आई है, वहां भी गायों की हालत देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि उनके संरक्षण पर जिम्मेदार किस हद तक बेपरवाह हैं। भूख, कीचड़ और गंदगी के बीच गायों की मौत से गो-प्रेमियों में आक्रोश है।

पुलिस ने एक को भेजा जेल
पुलिस ने गोशाला के संचालक प्रियंक कौशिक और अलापुर क्षेत्र के गांव संजरपुर निवासी दानवीर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। थानाध्यक्ष राजेंद्र सिंह, वरिष्ठ उपनिरीक्षक सुनील चौधरी, सिपाही शुभम वर्मा व अंकित सोम ने सोमवार को दानवीर पुत्र द्वारिका प्रसाद यादव को सिद्ध बाबा मंदिर तिराहे से गिरफ्तार कर लिया। दूसरे की तलाश की जा रही है।

पशुओं को छोड़ खुद का भर रहे पेट
ब्यौर के प्रधान तंजीम अली ने तहरीर में बताया कि गांव की इस अस्थायी गौशाला का संचालन एनजीओ जन कल्याण एवं विकास समिति की ओर से 21 नवंबर 2025 से किया जा रहा है। रविवार को गोशाला में 223 गोवंश थे। गोशाला को प्रतिदिन 11150 रुपये के हिसाब से हर महीने 334500 रुपये का भुगतान होता है। गोशाला में क्षमता से ज्यादा गोवंश रखकर देखभाल नहीं की गई। मौसमी प्रकोप से बचाने के प्रबंधन नहीं किए गए। जिसकी वजह से 14 गोवंश की मौत हो गई। संचालक ने सरकारी धन का दुरुपयोग किया। जिसकी वजह से गोवंश की मौत हुई। पुलिस ने संचालक उमेश कुमार लोधी पर रिपोर्ट दर्ज की है।

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