सारंगपुर: मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के सारंगपुर के बड़कुआं क्षेत्र स्थित लक्ष्मणदा की बाड़ी से एक दिल को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। बेटी की लाश देखने के बाद मां ने भी फांसी लगा और अपने 10 महीने के बच्चे को रोता छोड़ गई। दरअसल, पुलिस की जानकारी के अनुसार एक घर में बने सेप्टिक टैंक में 30 साल की विवाहिता और फंदे पर मां का शव लटका मिला, जिसके बाद मोहल्ले में हंगामा हो गया। इस घटना के बारे में आगे अधिकारियों ने बताया कि 30 वर्षीय महिला का 10 महीने का मासूम बच्चा भी है, जो मां की मौत के बाद अपनी नानी के पैरों में रोता हुआ मिला। यह सब इतना दर्दनाक है कि इस घटना को देखकर किसी भी पत्थर दिल इंसान की आंखें भी आंसुओं से भर जाएं।
पुलिस ने बताया कि सारंगपुर के लक्ष्मणदा की बाड़ी में रहने वाले अशोक राठौर मध्य प्रदेश विद्युत विभाग में लाइनमैन है। उनका बेटा धीरज राठौर भी अपने किसी काम से बाहर गया हुआ था। बुधवार की शाम को जब धीरज वापस घर लौटा तो मुख्य दरवाजा अंदर से बंद था और भीतर से बच्चे की लगातार रोने की आवाज आ रही थी। इसके बाद उसने स्थिति को भांपते हुए पड़ोसियों की मदद से दरवाजा तोड़ा, जब अंदर जाकर देखा तो मां मधुबाला का शव फांसी के फंदे पर लटका हुआ था, जबकि घर में ही बने सेप्टिक टैंक में बहन शीतल का शव पड़ा हुआ मिला। इस घटना की सूचना मिलते ही तत्काल एसडीओपी अरविंद सिंह पुलिस टीम के साथ पहुंचे और घटना की जांच शुरू की।
पुलिस ने बताया कि शुरुआत से स्मृति का शीतल के ससुराल में कुछ दिनों से विवाद चलने की बात सामना आई है। इसी से मानसिक तनाव के चलते शीतल ने सेप्टिक टैंक में कूदकर खुदकुशी कर ली, जब बेटी की मौत के सदमे को बर्दाश्त नहीं कर पाई तो मां मधुबाला ने भी फांसी के फंदे पर लटक कर अपनी जान दे दी। इस घटना के बाद पुलिस ने दोनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा गया, जिनका गुरुवार को सुबह पोस्टमार्टम हुआ। बताया जा रहा है शादी के बाद से शीतल पारिवारिक विवाद के कारण करीब तीन माह से मायके में ही रह रही थी।








