राज्य जीएसटी की टीम ने मंगलवार देर रात वाराणसी के द प्रभु नारायण यूनियन क्लब (पीएनयू) क्लब पर छापा मारा और तमाम दस्तावेज भी जब्त कर लिया। छापा मारने वाली टीम का दावा है कि क्लब ने 18 लाख रुपये नहीं जमा कराए हैं। लिहाजा, जुर्माना वसूला जाएगा। इसकी जानकारी क्लब प्रबंधन को दी जा चुकी है। पदाधिकारियों ने जुर्माना राशि जमा कराने का भरोसा दिलाया है।
एडिशनल कमिश्नर सेल्स टैक्स प्रदीप कुमार के मुताबिक, क्लब की ओर से सदस्यों को सुविधाएं दीं जातीं हैं, लेकिन इसके लिए किसी तरह का जीएसटी नहीं दिया जाता है। मंगलवार शाम करीब छह बजे छापा मारा गया था, जो कि तड़के तीन बजे तक चला है। इस दौरान क्लब की सुविधाआें, सदस्यों की संख्या वाले रजिस्टर, लेनदेन के लिए बैंक खातों की जांच, कार्यक्रमों के लिए वसूले जाने वाले शुल्क सहित अन्य अभिलेखों की जांच की गई।
वसूला जा सकता है 18 लाख रुपये जुर्माना
कंप्यूटर व उसके हार्डडिस्क से आंकड़ों का मिलान किया गया। एडिशनल कमिश्नर के मुताबिक, छानबीन से पता चला कि एक करोड़ रुपये का कोई हिसाब नहीं दिया गया है। इस पर 18 लाख रुपये जीएसटी लगता है। इसे हर हाल में हाल में वसूला जाएगा।
एडिशनल कमिश्नर ग्रेड वन प्रदीप कुमार ने कहा कि पीएनयू क्लब में जिन दस्तावेजों की जांच की गई, उसमें 18 लाख रुपये कम जीएसटी जमा कराने का मामला सामने आया है। क्लब के पदाधिकारियों से इसकी जानकारी दी गई है। साथ ही जल्द ही बकाया धनराशि जमा कराने का लक्ष्य दिया गया है। यदि जीएसटी नहीं जमा कराई गई तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पीएनयू क्लब के अध्यक्ष अंबुज किशोर नारायण ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने जनवरी 2022 से क्लबों के लिए नियम बदला है। जीएसटी की टीम रूटीन जांच के तहत आई थी। कम जीएसटी जमा कराने जैसी कोई बात नहीं है।
पीएनयू क्लब में इस समय एक हजार से अधिक सदस्य हैं। क्लब की ओर से सदस्यों को खेलकूद, मनोरंजन सहित कई तरह की सुविधाएं दी जाती हैं। इसके लिए सदस्यता शुल्क भी जमा कराता है।
विस्तार
राज्य जीएसटी की टीम ने मंगलवार देर रात वाराणसी के द प्रभु नारायण यूनियन क्लब (पीएनयू) क्लब पर छापा मारा और तमाम दस्तावेज भी जब्त कर लिया। छापा मारने वाली टीम का दावा है कि क्लब ने 18 लाख रुपये नहीं जमा कराए हैं। लिहाजा, जुर्माना वसूला जाएगा। इसकी जानकारी क्लब प्रबंधन को दी जा चुकी है। पदाधिकारियों ने जुर्माना राशि जमा कराने का भरोसा दिलाया है।
एडिशनल कमिश्नर सेल्स टैक्स प्रदीप कुमार के मुताबिक, क्लब की ओर से सदस्यों को सुविधाएं दीं जातीं हैं, लेकिन इसके लिए किसी तरह का जीएसटी नहीं दिया जाता है। मंगलवार शाम करीब छह बजे छापा मारा गया था, जो कि तड़के तीन बजे तक चला है। इस दौरान क्लब की सुविधाआें, सदस्यों की संख्या वाले रजिस्टर, लेनदेन के लिए बैंक खातों की जांच, कार्यक्रमों के लिए वसूले जाने वाले शुल्क सहित अन्य अभिलेखों की जांच की गई।
वसूला जा सकता है 18 लाख रुपये जुर्माना
कंप्यूटर व उसके हार्डडिस्क से आंकड़ों का मिलान किया गया। एडिशनल कमिश्नर के मुताबिक, छानबीन से पता चला कि एक करोड़ रुपये का कोई हिसाब नहीं दिया गया है। इस पर 18 लाख रुपये जीएसटी लगता है। इसे हर हाल में हाल में वसूला जाएगा।