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काशी तमिल संगमम : स्वागत से अभिभूत तमिल यात्रियों ने कहा, पधारिए – हम भी स्वागत को हैं तैयार

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त्रिवेणी तट पर सोमवार को उत्तर और दक्षिण की संस्कृतियों का संगम हुआ। तमिल मेहमानों को संगम की धारा और साइबेरियन पक्षियों की अठखेलियाें ने रोमांचित किया तो स्वागत से अभिभूत मेहमानों ने प्रयागराज के लोगों से कहा- तमिलनाडु में पधारिए, हम भी स्वागत के लिए तैयार हैं।

भारत सरकार की पहल पर शुरू काशी तमिल संगमम के तहत आए पहले जत्थे को लेकर यहां खासा उत्साह दिखा। इसका अनुमान इससे ही लगाया जा सकता है कि पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत सांसद केशरी देवी पटेल, विधायक गुरु प्रसाद मौर्य पौने दस बजे ही आयोजन स्थल पर पहुंच गए थे तो डीएम संजय कुमार खत्री ने खुद कमान संभाल रखी थी। जबकि, यात्री करीब साढ़े ग्यारह बजे पहुंचे।

संगम तट पर यात्रियों के पहुंचते ही डीएम के साथ सांसद-विधायक तथा अन्य लोग भी तेजी से पहुंचे और उनका स्वागत किया तो राजकीय बालिका विद्यालय की छात्राओं ने टीका लगाकर पुष्प वर्षा की। स्वागत के लिए पांडाल का माहौल अतिथियों के लिए काफी भावुक करने वाला रहा। सांस्कृतिक आयोजनों के बीच मां तमिल की वंदना प्रस्तुति के दौरान सभी यात्री हाथ जोड़कर खडे़ हो गए। उनका कहना था कि यह हमारे लिए सबसे बड़ा उपहार है।

इसके बाद बारी आई संगम स्नान की। इस सफर का हर पल वह संजो लेना चाहते थे। 33 यात्रियों वाली मोटरबोट संगम स्थल पर पहुंची ही थी कि उस पर सवार अक्षता के घर से फोन आ गया। वह बहुत उत्साह से घर वालों को बता रहीं थीं कि  यहां पीले और हरे रंग की धाराएं (संगम स्थल) मिल रही हैं। हजारों की संख्या में पक्षी उड़ रहे हैं, उनमें से कई नदी की धारा पर तैर रहे हैं। कुछ इसी तरह की स्थिति अन्य यात्रियों की भी थी।

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तमिल यात्रियों ने साइबेरियन पक्षियों को दाने खिलाए तो संगम का जल लेने में भी उनमें होड़ रही। गैलेन नहीं मिला तो उन्होंने साथ लाई पानी की बोतल खाली कर दी और संगम का जल ले गए। हालांकि, प्रशासन की ओर से भी उन्हें गंगा जल उपलब्ध कराया गया।

उनमें सेल्फी लेने की भी होड़ रही। कुछ इसी तरह का उत्साह चंद्रशेखर आजाद पार्क में भी दिखा। ज्यादातर यात्रियों ने चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा साथ फोटो खिंचवाई। महापौर ने यात्रियों को शाल ओढ़ाई और पीतल की लुटिया में गंगाजल भेंट की। इसके बाद तमिलनाडु भी पधारिए की अपील के साथ यात्री अपने अगले पड़ाव अयोध्या के लिए रवाना हो गए।



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