Home उत्तर प्रदेश मां तुझे प्रणाम : वीर नारियों के हाथों में सम्मान, आंखों में...

मां तुझे प्रणाम : वीर नारियों के हाथों में सम्मान, आंखों में गर्व के आंसू, भावुक कर देंगी ये तस्वीरें

0
107

[ad_1]

ये वो लम्हा था, जिस पर गर्व भी था और आंखें भी नम थीं। वतन के लिए अपना सब कुछ कुर्बान कर देने वाली वीरांगना को सम्मान दिया गया, तो हाथ कंपकंपाने लगे। आंखों में आंसू थे, लेकिन ये आंसू गर्व के थे। उनका सब कुछ खो जाने का दुख गर्व के इन आंसुओं के बीच दुबक गया था। मौका था अमर उजाला की ओर से आयोजित कार्यक्रम मां तुझे प्रणाम में वीरांगना सम्मान समारोह का। आगरा के वजीरपुरा स्थित पीली कोठी में आयोजित सम्मान समारोह में मंच पर एक-एक कर 26 वीरांगनाओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में वीरों की गाथा सुन और उन्हें याद कर वीरांगनाओं की आंखों से आंसू बह रहे थे। किसी के पति तो किसी के बेटे ने इस वतन पर अपने प्राण न्यौछावर किए थे। वीर शहीदों के सम्मान में आयोजित कार्यक्रम में शहरवासियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। वीर नारियों के सम्मान के दौरान देशभक्ति के नारे गूंजते रहे।

समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि एडीजी आगरा जोन राजीव कृष्ण, जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी कमांडर प्रणय रावत, स्क्वॉड्रन लीडर एके सिंह, प्रमुख उद्यमी पूरन डावर, आगरा विकास मंच के अध्यक्ष राजकुमार जैन, पीली कोठी के कुंवर दिनेश प्रताप सिंह और कुंवर आशीष प्रताप सिंह ने शहीदों को नमन कर किया। 

अपनों के शहादत की कथा सुनते समय वीर नारियों के आंसू बहने लगे, लेकिन आंखों में गर्व की चमक भी थी, जिससे माहौल भी दमक उठा। हजारों गम अपने आंचल में समेटे इन वीर नारियों के हौसले ने दूसरों को भी राष्ट्ररक्षा की सीख दी। वीरों की गौरव गाथा सुन मौजूद लोग भी अपने आंसू नहीं रोक पाए।

 

यह भी पढ़ें -  Hathras News: मतदान में हो कोई गड़बड़ी, तो इन हेल्पलाइन पर की जा सकती है शिकायत

अमर उजाला के अभिनव अभियान मां तुझे प्रणाम के तहत आयोजित समारोह में देश के लिए शहीद हुए जितेंद्र सिंह चौहान की पत्नी काफी भावुक हो गईं। सम्मान पाते समय उनके आंसुओं ने माहौल में कुछ देर के लिए खामोशी ला दी। इसके बाद दर्शक दीर्घा से आए वंदे मातरम के जयघोषों ने सन्नाटे को चीर दिया। इधर, शहीद जितेंद्र सिंह चौहान की पत्नी सुमन ने भी आंसू पोंछ सम्मान ग्रहण किया। 

न्यू आगरा के रहने वाले विंग कमांडर शहीद पृथ्वी सिंह चौहान की पत्नी कामिनी का सीना समारोह में उस समय चौड़ा हो गया, जब विंग कमांडर पृथ्वी की याद में तालियों ने एक बार जो पकड़ बनाई, तो फिर देर भारत माता की जय के नारों के साथ ही विराम लग सका। कामिनी के साथ आए उनके पिता युद्धराज सिंह का भी सीना गर्व से फूला नहीं समा रहा था। उनकी आंखें भी नम थीं, लेकिन देश के लिए दामाद की शहादत से उनका सीना भी चौड़ा था।

[ad_2]

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here