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मां की मौत, पिता का पता नहीं, सदमे में बेटियां
श्वेता सिंह गौर का मायका पड़ोसी जनपद चित्रकूट का कर्वी शहर है। पिता रिटायर्ड सेल टैक्स अफसर हैं। संपन्न परिवार है। माता-पिता के अलावा दो भाई और दो बहनें हैं। करीब 15 वर्ष पूर्व पहले श्वेता की शादी जसपुरा थाना क्षेत्र के मरझा गांव में आईपीएस अधिकारी राजबहादुर सिंह (रिटायर्ड डीआईजी) के बेटे अधिवक्ता डॉ.दीपक से हुई थी।
पहली बेटी मिट्टो है। दूसरी गौरी और तीसरी अविष्का है। मिट्टो को हाल ही में दीपक और श्वेता खुद लखनऊ ले जाकर उसका दाखिला वहां के एक स्कूल में कक्षा 9 में कराकर आए थे। मंझली बेटी गौरी यहां घर के पास सेंट जेवियर्स स्कूल में कक्षा 6 में पढ़ती है।
तीसरी बेटी अविष्का दूसरी कक्षा में पढ़ रही है। दो दिन पहले ही वह अपनी नानी के साथ ननिहाल चली गई थी। बेहद दुलार और प्यार देने वाली मां के अचानक बिछड़ जाने से तीनों नाबालिग बेटियां सदमे में आ गई हैं। फिलहाल पिता भी फरार हैं। हालांकि पिता और उनका भरापूरा परिवार तथा ननिहाल बेटियों की पूरी तरह परवरिश करेगा।
भाई ने भी श्वेता के घर में खुद को मारी थी गोली
श्वेता सिंह गौर के घर में अनहोनी की यह पहली घटना नहीं है। इसी वर्ष जनवरी माह में इसी घर में श्वेता के भाई शुभम ने अपने बहनोई दीपक के लाइसेंसी रिवाल्वर से खुद को गोली मारकर आत्महत्या का प्रयास किया था। घटना के पीछे भी प्रेम प्रसंग की चर्चा थी।
शुभम का इंदिरा नगर की ही एक शादी-शुदा युवती से प्रेम प्रसंग था। जिसे वह अपने साथ ले गया था। इस प्रेम प्रसंग को लेकर भी दोनों परिवारों में काफी कहासुनी हुई थी। बाद में शुभम और युवती का एक वीडियो भी वायरल हुआ था। इसके अलावा युवती का दो पन्नों का एक पत्र भी वायरल हुआ था।
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