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रफ्तार ने रौंदी जिंदगी: मौत का मंजर बयां करते बिलखे परिवार, हर तरफ मची थी चीख-पुकार, खून से लथपथ थे लोग

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फतेहपुर जिले में मुगलमार्ग हाईवे से टैंकर लहराते हुए निकला, तो उसे देखकर लोग बोले कि यह चालक किसी का काल बनेगा। कुछ देर बाद ही ग्रामीणों में खबर लगी कि टैंकर चालक ने बड़ा हादसा कर दिया है। ऑटो सवारों के लिए टैंकर यमदूत बनकर गुजरा। टैंकर की टक्कर से ऑटो सवार 10 लोगों की जान चली गई।

जहानाबाद थाने के चिल्ली मोड़ के पास खास आबादी नहीं है। यहां गांव वालों के खेत हैं। लोग खेत से दोपहर को लौट रहे थे। प्रत्यक्षदर्शी ज्ञानेंद्र, उमेश, अनिल, राधेलाल ने बताया कि चालक टैंकर को पूरी रोड में लहराते जा रहा था। उन लोगों ने टैंकर को करीब हादसे से पहले आधा किलोमीटर दूर देखा था।

टैंकर चालक नशे में समझ आ रहा था। उसे देखकर वह लोग भी रोड से नीचे उतर गए थे। वह पूरी रोड में एक साइड से दूसरी ओर पहुंच जा रहा था। ग्रामीणों के बीच चर्चा है कि किसी न किसी के लिए टैंकर का चालक काल साबित होगा। चालक हादसा स्थल से आगे फतेहपुर कानपुर सीमा के पहले महाविद्यालय के पास टैंकर छोड़कर चालक भाग निकला।



माता-पिता से 15 दिन बाद मिलने वाली थी प्रांशी

जहानाबाद हादसे में दिवंगत अनिल के परिवार में अब सिर्फ दो बेटियां ही बची हैं। छोटी बेटी प्रांशी (8) चाचा राजेश के साथ सगाई कार्यक्रम में सोमवार शाम को इटावा से जहानाबाद पहुंच गई थी। यहां उसे कई दिनों बाद मां, पिता, भाई, बहन से मंगलवार को सगाई कार्यक्रम में मिलना था।

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मां-पापा और भाई के देखे शव

वह मम्मी, पापा के आने का बेसब्री से इंतजार कर रही थी। बदनसीबी से मां, पिता और भाई, बहनों के शव देखने को मिले। यह देखकर प्रांशी बदहवास हो गई। दिवंगत अनिल की एक बड़ी बेटी पायल (12) है। परिजनों ने बताया कि दिवंगत अपने बड़े भाई सतीश के पुत्र राहुल की शादी में एक पखवाड़े पहले लखनऊ परिवार समेत गया था।


राहगीरों के कदम रुके, परिजनों की चीत्कार से गूंजा इलाका

हादसा देखकर राहगीरों के कदम रुक गए। आसपास गांव के लोगों की भीड़ लग गई। हाईवे पर भीड़ जमा हो गई। पल्लवी (7), लव (छह माह), सौम्या (5) के शवों को देखकर लोगों की आंखें नम हो गईं। ऑटो के अंदर ही चालक अर्जुन सैनी का शव दबा था। मासूम लव का शव ऑटो के दूसरी ओर पड़ा था।


चीत्कारों से गुंज रहा था इलाका

एक ओर पल्लवी खून से लथपथ पड़ी थी। हादसे में इलाज दौरान दम तोड़ने वाली सौम्या को भी लोग मृत मान चुके थे। हादसे के बाद जहानाबाद में मौजूद दिवंगत अनिल की बहन मंजू व अन्य परिजन पहुंचे। परिजनों की करुण चीत्कार से इलाका गूंज उठा। हादसे ने लोगों के दिलों को झकझोर दिया।


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