Home उत्तर प्रदेश उन्नाव क्लीनिक के नाम था पंजीकरण, चला रहे थे नर्सिंगहोम

क्लीनिक के नाम था पंजीकरण, चला रहे थे नर्सिंगहोम

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हसनगंज। कस्बे में संचालित एक क्लीनिक में पांच दिन पहले हुई महिला की मौत मामले में सीएचसी प्रभारी ने जांच की। पंजीकरण क्लीनिक के नाम पर होने के बाद नर्सिंगहोम चल रहा था। नर्सिंगहोम का कोई मानक न मिलने के साथ ही फायर एनओसी भी नहीं मिली। अस्पताल संचालक के साथ कोई अन्य स्टॉफ भी नहीं मिला। सीएचसी प्रभारी ने सीएमओ को रिपोर्ट भेजी है।
आसीवन थानाक्षेत्र के रसूलाबाद गांव निवासी सुनील की पत्नी रीमा को प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने 17 नवंबर को कस्बे के ही पुष्पा नर्सिंगहोम में भर्ती कराया था। प्रसव के बाद महिला की मौत हो गई थी। घटना के बाद संचालक भाग निकले थे। पति ने लापरवाही से प्रसव कराने का आरोप लगा सीएचसी प्रभारी प्रमोद यादव को प्रार्थनापत्र दिया।
सोमवार को वह निरीक्षण करने पहुंचे। वहां कोई भी डॉक्टर नहीं मिला। क्लीनिक का पंजीकरण कानपुर के डॉ. प्रदीप गुप्ता के नाम था। आठ बेड पड़े थे। फार्मेसी भी संचालित थी। डॉक्टर के पूछने पर बताया कि फार्मेसी का पंजीकरण नहीं है। नर्सिंगहोम चलाने के मानक भी पूरे नहीं थे। उसके बाद भी प्रसव कराए जा रहे थे। जांच के दौरान एक महिला मरीज भी मिली।
सीएचसी प्रभारी डॉ. प्रमोद ने बताया कि क्लीनिक के नाम का पंजीकरण करा नर्सिंगहोम चला रहे थे। मेडिकल स्टोर भी खोल रखा था।
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रपोर्ट बनाकर सीएमओ को भेज दी गई है।

यह भी पढ़ें -  Unnao News: निजी अस्पताल में गर्भवती की हालत बिगड़ी, मौत

हसनगंज। कस्बे में संचालित एक क्लीनिक में पांच दिन पहले हुई महिला की मौत मामले में सीएचसी प्रभारी ने जांच की। पंजीकरण क्लीनिक के नाम पर होने के बाद नर्सिंगहोम चल रहा था। नर्सिंगहोम का कोई मानक न मिलने के साथ ही फायर एनओसी भी नहीं मिली। अस्पताल संचालक के साथ कोई अन्य स्टॉफ भी नहीं मिला। सीएचसी प्रभारी ने सीएमओ को रिपोर्ट भेजी है।

आसीवन थानाक्षेत्र के रसूलाबाद गांव निवासी सुनील की पत्नी रीमा को प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने 17 नवंबर को कस्बे के ही पुष्पा नर्सिंगहोम में भर्ती कराया था। प्रसव के बाद महिला की मौत हो गई थी। घटना के बाद संचालक भाग निकले थे। पति ने लापरवाही से प्रसव कराने का आरोप लगा सीएचसी प्रभारी प्रमोद यादव को प्रार्थनापत्र दिया।

सोमवार को वह निरीक्षण करने पहुंचे। वहां कोई भी डॉक्टर नहीं मिला। क्लीनिक का पंजीकरण कानपुर के डॉ. प्रदीप गुप्ता के नाम था। आठ बेड पड़े थे। फार्मेसी भी संचालित थी। डॉक्टर के पूछने पर बताया कि फार्मेसी का पंजीकरण नहीं है। नर्सिंगहोम चलाने के मानक भी पूरे नहीं थे। उसके बाद भी प्रसव कराए जा रहे थे। जांच के दौरान एक महिला मरीज भी मिली।

सीएचसी प्रभारी डॉ. प्रमोद ने बताया कि क्लीनिक के नाम का पंजीकरण करा नर्सिंगहोम चला रहे थे। मेडिकल स्टोर भी खोल रखा था।
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रपोर्ट बनाकर सीएमओ को भेज दी गई है।



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