Home उत्तर प्रदेश उन्नाव फिरौती के लिए अपहरण करने वाले आरोपी की जमानत अर्जी खारिज

फिरौती के लिए अपहरण करने वाले आरोपी की जमानत अर्जी खारिज

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उन्नाव। फिरौती के लिए अपहरण करने वाले की जमानत अर्जी कोर्ट ने खारिज कर दी है। उसने खुद को एसटीएफ का बताकर वारदात को अंजाम दिया था।
अचलगंज थानाक्षेत्र के कोरारी खुर्द निवासी वीरेंद्र 27 फरवरी 2022 को गांव की बाजार से आलू की बोरी लेने आया था। इसी दौरान कार से आए लोग वीरेंद्र को पीटने लगे और कार में बैठाकर ले जाने लगे। वहां पहुंचे कुछ लोगों ने उनसे पूछताछ की तो कार सवारों ने खुद को एसटीएफ का और वीरेंद्र को चोर बताया। इसके बाद आगे जाकर वीरेंद्र की आंखों में पट्टी बांधी और मुंह में कपड़ा ठूंस दिया। शराब पिलाकर उस पर हंटर चलाए और सिगरेट से जलाकर गालियां दी थीं। एक माह पूर्व गायब हुए गांजे के बारे में पूछा। मारपीट के दौरान आंख खुलने से वीरेंद्र ने गांव के शिवदीप व छोटू उर्फ अमन को पहचान लिया था। वीरेंद्र से दस लाख रुपये मांगे गए थे। वह उनके चंगुल से छूटकर घर पहुंचा और पुलिस को तहरीर दी थी। वीरेंद्र की तहरीर पर पुलिस ने 28 फरवरी को रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों को जेल भेजा था। पूछताछ में अंकित उर्फ मोनू भेड़िया निवासी मोतीनगर का नाम सामने आया था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। अंकित की जमानत के लिए वकील ने अपर जिला जज द्वितीय की कोर्ट में अर्जी दी थी। विशेष लोक अभियोजक जगन्नाथ प्रसाद कुशवाहा व मनोज कुमार पांडे की दलीलों को सुनने के बाद न्यायाधीश संदीप गुप्ता ने आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी।

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उन्नाव। फिरौती के लिए अपहरण करने वाले की जमानत अर्जी कोर्ट ने खारिज कर दी है। उसने खुद को एसटीएफ का बताकर वारदात को अंजाम दिया था।

अचलगंज थानाक्षेत्र के कोरारी खुर्द निवासी वीरेंद्र 27 फरवरी 2022 को गांव की बाजार से आलू की बोरी लेने आया था। इसी दौरान कार से आए लोग वीरेंद्र को पीटने लगे और कार में बैठाकर ले जाने लगे। वहां पहुंचे कुछ लोगों ने उनसे पूछताछ की तो कार सवारों ने खुद को एसटीएफ का और वीरेंद्र को चोर बताया। इसके बाद आगे जाकर वीरेंद्र की आंखों में पट्टी बांधी और मुंह में कपड़ा ठूंस दिया। शराब पिलाकर उस पर हंटर चलाए और सिगरेट से जलाकर गालियां दी थीं। एक माह पूर्व गायब हुए गांजे के बारे में पूछा। मारपीट के दौरान आंख खुलने से वीरेंद्र ने गांव के शिवदीप व छोटू उर्फ अमन को पहचान लिया था। वीरेंद्र से दस लाख रुपये मांगे गए थे। वह उनके चंगुल से छूटकर घर पहुंचा और पुलिस को तहरीर दी थी। वीरेंद्र की तहरीर पर पुलिस ने 28 फरवरी को रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों को जेल भेजा था। पूछताछ में अंकित उर्फ मोनू भेड़िया निवासी मोतीनगर का नाम सामने आया था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। अंकित की जमानत के लिए वकील ने अपर जिला जज द्वितीय की कोर्ट में अर्जी दी थी। विशेष लोक अभियोजक जगन्नाथ प्रसाद कुशवाहा व मनोज कुमार पांडे की दलीलों को सुनने के बाद न्यायाधीश संदीप गुप्ता ने आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी।

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