Home उत्तर प्रदेश 16 साल बाद पाक लौटा तनीस: लखनऊ की जेल में था बंद,...

16 साल बाद पाक लौटा तनीस: लखनऊ की जेल में था बंद, नेपाल के रास्ते भारत में हुआ था दाखिल

0
87

[ad_1]

ख़बर सुनें

लखनऊ की जेल में सजा काटने के बाद पाकिस्तानी कैदी गुरुवार दोपहर अटारी-वाघा सीमा के रास्ते अपने वतन लौट गया। लखनऊ से पुलिस और प्रशासनिक टीम सुबह ही इस कैदी को लेकर अटारी सीमा पर पहुंची थी। उसे इमीग्रेशन और कस्टम जांच के बाद बीएसएफ अधिकारियों ने पाक रेंजर्स को सुपुर्द किया। एसएसपी (देहात) स्नेहदीप शर्मा की हिदायतों पर प्रोटॉकाल अधिकारी अरुण माहल ने इमीग्रेशन और कस्टम जांच करवाने में मदद की। 

जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान के कराची के इलाका रइस आजम निवासी 24 वर्षीय तनीस अजीम 2006 में नेपाल के रास्ते बिना पासपोर्ट भारत पहुंचा था। लखनऊ में उसे गिरफ्तार कर लिया गया था और अदालत ने मामले में सुनवाई के बाद उसे आठ साल की सजा सुनाई थी। सजा मुकम्मल होने में कुछ समय ही बाकी था, तभी तनीस अजीम जेल में पुलिस कर्मचारियों से भिड़ गया और उन्हें जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद उसके खिलाफ वहां एक नया मामला दर्ज किया गया। इस मामले में अदालत ने उसे साढ़े चार साल कैद की सजा सुनाई।
 
पाकिस्तानी बंदी तनीस अजीम की सजा पूरी होने के बाद लखनऊ कमिश्नरेट की पुलिस पार्टी प्रशासनिक अधिकारी के साथ गुरुवार सुबह उसे लेकर अटारी सीमा पर पहुंची। प्रोटॉकाल अधिकारी अरुण माहल ने बताया कि एसएसपी (देहात) शर्मा की हिदायतों के मुताबिक इस पाक बंदी को पाकिस्तान जाने वाले अन्य यात्रियों से अलग सुरक्षा में रखा। इमीग्रेशन और कस्टम जांच की प्रक्रिया मुकम्मल होने के बाद उसे जीरो लाइन तक लाया गया, जहां से वह अपने वतन लौट गया।

यह भी पढ़ें -  Christmas 2022: वाराणसी के गिरजाघरों में तैयारी अंतिम चरण में, बेकिंग हाउस में केक के लिए लंबा इंतजार

विस्तार

लखनऊ की जेल में सजा काटने के बाद पाकिस्तानी कैदी गुरुवार दोपहर अटारी-वाघा सीमा के रास्ते अपने वतन लौट गया। लखनऊ से पुलिस और प्रशासनिक टीम सुबह ही इस कैदी को लेकर अटारी सीमा पर पहुंची थी। उसे इमीग्रेशन और कस्टम जांच के बाद बीएसएफ अधिकारियों ने पाक रेंजर्स को सुपुर्द किया। एसएसपी (देहात) स्नेहदीप शर्मा की हिदायतों पर प्रोटॉकाल अधिकारी अरुण माहल ने इमीग्रेशन और कस्टम जांच करवाने में मदद की। 

जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान के कराची के इलाका रइस आजम निवासी 24 वर्षीय तनीस अजीम 2006 में नेपाल के रास्ते बिना पासपोर्ट भारत पहुंचा था। लखनऊ में उसे गिरफ्तार कर लिया गया था और अदालत ने मामले में सुनवाई के बाद उसे आठ साल की सजा सुनाई थी। सजा मुकम्मल होने में कुछ समय ही बाकी था, तभी तनीस अजीम जेल में पुलिस कर्मचारियों से भिड़ गया और उन्हें जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद उसके खिलाफ वहां एक नया मामला दर्ज किया गया। इस मामले में अदालत ने उसे साढ़े चार साल कैद की सजा सुनाई।

 

पाकिस्तानी बंदी तनीस अजीम की सजा पूरी होने के बाद लखनऊ कमिश्नरेट की पुलिस पार्टी प्रशासनिक अधिकारी के साथ गुरुवार सुबह उसे लेकर अटारी सीमा पर पहुंची। प्रोटॉकाल अधिकारी अरुण माहल ने बताया कि एसएसपी (देहात) शर्मा की हिदायतों के मुताबिक इस पाक बंदी को पाकिस्तान जाने वाले अन्य यात्रियों से अलग सुरक्षा में रखा। इमीग्रेशन और कस्टम जांच की प्रक्रिया मुकम्मल होने के बाद उसे जीरो लाइन तक लाया गया, जहां से वह अपने वतन लौट गया।

[ad_2]

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here