Home अंतरराष्ट्रीय तेल संकट की आशंका में पेट्रोल पंपों पर लगने लगीं कतारें

तेल संकट की आशंका में पेट्रोल पंपों पर लगने लगीं कतारें

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बरेली। अमेरिका और इजराइल के साथ ईरान का युद्ध लंबा खिंचता देखकर पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में इजाफा होनी की आशंका बढ़ने लगी है। इसके बाद लोग गाड़ियों की टंकियां फुल कराने के लिए पेट्रोल पंपों पर पहुंच रहे हैं, ताकि संभावित कीमतों में बढ़ोतरी से पहले ईंधन का सुरक्षित भंडार किया जा सके।

शहर में गुरुवार को पटेल चौक, कोहाड़ापीर, सिविल लाइंस समेत कई पेट्रोल पंपों पर दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों की कतारें रहीं। वाहन मालिकों का साफ कहना था कि अगर हालात बिगड़े और तेल की कीमतें बढ़ीं, तो इसका असर सीधे आम उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। हालांकि अभी तक भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर किसी भी तरह की आधिकारिक बढ़ोतरी की घोषणा नहीं हुई है। चर्चा यह भी है कि कुछ पंप संचालक संभावित मूल्य वृद्धि का इंतजार कर रहे हैं।

इधर, जानकारों के अनुसार, भारत अपने अधिकांश कच्चे तेल का आयात पश्चिम एशिया से करता है, इसलिए इस क्षेत्र में किसी भी अस्थिरता का असर घरेलू तेल बाजार पर पड़ना स्वाभाविक है। इसका परिणाम यह होगा कि परिवहन लागत बढे़गी, जिसका सीधा असर रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ेगा।

होर्मुज बंद होने की खबर के बाद से पेट्रोल पर पर कुछ हद तक भीड़ बढ़ गई है। लोग टंकियां फुल करा रहे हैं। हालांकि, अगर अंतर्राष्ट्रीय तेल कीमतें बढ़ीं तो हमें भी खुदरा दाम बढ़ाने पड़ सकते हैं। फिलहाल इंतजार कर रहे हैं कि सरकार क्या दिशा-निर्देश देती है, ताकि उपभोक्ताओं पर अचानक दबाव न पड़े।-मनोहर पटेल, पेट्रोल पंप संचालक।

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सबसे बड़ी चिंता परिवहन लागत बढ़ने की है। अगर पेट्रोल-डीजल महंगा हुआ, तो माल ढुलाई और रोजमर्रा की चीजों के दाम बढ़ेंगे। इसका असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। ट्रांसपोर्ट्स तेल की कीमतों पर नजर रख रहे हैं। उम्मीद है सरकार जल्दी उपाय करेगी, नहीं तो असर छोटे और बड़े व्यापार पर पड़ेगा। -शोभित सक्सेना, अध्यक्ष, बरेली ट्रांसपोर्टर्स वेलफेयर एसोसिएशन।

हमने अपनी दो गाडियों की टंकी आज ही पूरी करवा ली। अमेरिका और इजराइल के साथ बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह से बंद करने की घोषणा कर दी है। ऐसे में दामों में वृद्धि होना तय है। पेट्रोल महंगा हुआ तो सीधे हमारी घरेलू बजट पर भी असर पड़ेगा, इसलिए पहले से ही सावधानी बरत रहे हैं। -मुनेंद्र पाल नौकरी पेशा।

होर्मुज स्ट्रेट अभी बंद है। यह मार्ग दुनिया के 20 प्रतिशत तेल व्यापार के लिए बेहद अहम है। तनाव बढ़ने से जलडमरूमध्य के दोनों ओर करीब 700 टैंकर फंस गए हैं, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति लगभग ठप हो गई है। यही हाल रहा तो कुछ दिनों के बाद ही पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी तय है। -तनुज भसीन, पूर्व चैप्टर चेयरमैन, आईआईए।

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