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पूर्वांचल की पहली सिग्नेचर बिल्डिंग: शिव के डमरू के आकार वाली बिल्डिंग के होंगे ये फीचर, जल्द शुरू होगा काम

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पूर्वांचल की पहली सिग्नेचर बिल्डिंग का स्वरूप

पूर्वांचल की पहली सिग्नेचर बिल्डिंग का स्वरूप
– फोटो : अमर उजाला

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बदलते बनारस में हजार चांद लगाने वाली पूर्वांचल की पहली सिग्नेचर बिल्डिंग का निर्माण जल्द ही शुरू होगा। प्रदेश की कैबिनेट ने गुरुवार को मंडलीय कार्यालय की जमीन को विकास कर्ता को दिए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अब आवास विकास इस जमीन को पीपीपी मॉडल पर निर्माण के लिए विकास कर्ता को हस्तांतरण करेगा। उम्मीद जताई जा रही है कि शिव के डमरू के आकार में बनने वाली इस बिल्डिंग पर नए साल से काम शुरू हो जाएगा।
पूर्वांचल की सबसे ऊंची 19 मंजिला इमारत को कमिश्नरी परिसर में तैयार किया जाना है। पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के जरिए यहां बनने वाले दो टावर में एक सरकारी उपयोग में ली जाएगी और दूसरी विकासकर्ता अपने उपयोग में लेगा। करीब 90 साल की लीज के जरिए विकास कर्ता इस परियोजना की लागत निकालेगा। इन दो इमारतों में से एक में शॉपिंग कांप्लेक्स के अलावा होटल, रेस्टोरेंट और मॉल होंगे, जबकि दूसरी इमारत में कमिश्नरी के 45 विभागों के दफ्तर बनाए जाएंगे। दो इमारतों के बीच 100 मीटर के गलियारे में स्काईवॉक बनेगा और दुनिया भर से आने वाले पर्यटक पूरे शहर के नजारे को कैमरे में कैद कर सकेंगे। पीपीपी मॉडल पर बनाई जाने वाली इस परियोजना में करीब 250 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसका निर्माण 18 माह में पूरा होगा। मंडलायुक्त कौशल राज शर्मा ने बताया कि शासन से निर्देश मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया की जाएगी।

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बदलते बनारस में हजार चांद लगाने वाली पूर्वांचल की पहली सिग्नेचर बिल्डिंग का निर्माण जल्द ही शुरू होगा। प्रदेश की कैबिनेट ने गुरुवार को मंडलीय कार्यालय की जमीन को विकास कर्ता को दिए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अब आवास विकास इस जमीन को पीपीपी मॉडल पर निर्माण के लिए विकास कर्ता को हस्तांतरण करेगा। उम्मीद जताई जा रही है कि शिव के डमरू के आकार में बनने वाली इस बिल्डिंग पर नए साल से काम शुरू हो जाएगा।

पूर्वांचल की सबसे ऊंची 19 मंजिला इमारत को कमिश्नरी परिसर में तैयार किया जाना है। पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के जरिए यहां बनने वाले दो टावर में एक सरकारी उपयोग में ली जाएगी और दूसरी विकासकर्ता अपने उपयोग में लेगा। करीब 90 साल की लीज के जरिए विकास कर्ता इस परियोजना की लागत निकालेगा। इन दो इमारतों में से एक में शॉपिंग कांप्लेक्स के अलावा होटल, रेस्टोरेंट और मॉल होंगे, जबकि दूसरी इमारत में कमिश्नरी के 45 विभागों के दफ्तर बनाए जाएंगे। दो इमारतों के बीच 100 मीटर के गलियारे में स्काईवॉक बनेगा और दुनिया भर से आने वाले पर्यटक पूरे शहर के नजारे को कैमरे में कैद कर सकेंगे। पीपीपी मॉडल पर बनाई जाने वाली इस परियोजना में करीब 250 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसका निर्माण 18 माह में पूरा होगा। मंडलायुक्त कौशल राज शर्मा ने बताया कि शासन से निर्देश मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया की जाएगी।

 



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