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हाईकोर्ट : सांसद अफजाल अंसारी के गैंगस्टर मामले में यूपी सरकार से जवाब तलब

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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गाजीपुर से बसपा सांसद अफजाल अंसारी की गिरोह बंद कानून के तहत कार्यवाही के खिलाफ  दाखिल याचिका पर राज्य सरकार से जवाब मांगा है। कोर्ट ने राज्य सरकार को इसके लिए दो हफ्ते का समय दिया है। याचिका की अगली सुनवाई 14 अक्तूबर को होगी।

यह आदेश न्यायमूर्ति समित गोपाल ने अफजाल अंसारी की याचिका पर दिया है। याची की ओर से अधिवक्ता उपेन्द्र उपाध्याय ने बहस की। याची की ओर से तर्क दिया गया कि भाजपा विधायक कृष्णानंद राय हत्या केस में वह बरी हो चुका है। इस आधार पर एमपीएमएलए विशेष अदालत में चल रहे गैंग्स्टर एक्ट केस को समाप्त करने की अर्जी दी। जो खारिज कर दी गई। हाईकोर्ट में उसे चुनौती दी गई है।

पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी और बहनोई एजाजुल के साथ ही 2007 में अफजाल अंसारी के खिलाफ  कृष्णानंद राय कह हत्या का दर्ज हुआ था। उसी के आधार पर गैंगस्टर का मुकदमा कायम किया गया है। दलील दी गई सिर्फ एक मुकदमे के आधार पर गैंगस्टर अधिनियम में केस नहीं चलाया जा सकता। याचिका में गिरोह बंद कानून के तहत कार्यवाही को रद किए जाने की मांग की गई हैं।

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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गाजीपुर से बसपा सांसद अफजाल अंसारी की गिरोह बंद कानून के तहत कार्यवाही के खिलाफ  दाखिल याचिका पर राज्य सरकार से जवाब मांगा है। कोर्ट ने राज्य सरकार को इसके लिए दो हफ्ते का समय दिया है। याचिका की अगली सुनवाई 14 अक्तूबर को होगी।

यह आदेश न्यायमूर्ति समित गोपाल ने अफजाल अंसारी की याचिका पर दिया है। याची की ओर से अधिवक्ता उपेन्द्र उपाध्याय ने बहस की। याची की ओर से तर्क दिया गया कि भाजपा विधायक कृष्णानंद राय हत्या केस में वह बरी हो चुका है। इस आधार पर एमपीएमएलए विशेष अदालत में चल रहे गैंग्स्टर एक्ट केस को समाप्त करने की अर्जी दी। जो खारिज कर दी गई। हाईकोर्ट में उसे चुनौती दी गई है।

पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी और बहनोई एजाजुल के साथ ही 2007 में अफजाल अंसारी के खिलाफ  कृष्णानंद राय कह हत्या का दर्ज हुआ था। उसी के आधार पर गैंगस्टर का मुकदमा कायम किया गया है। दलील दी गई सिर्फ एक मुकदमे के आधार पर गैंगस्टर अधिनियम में केस नहीं चलाया जा सकता। याचिका में गिरोह बंद कानून के तहत कार्यवाही को रद किए जाने की मांग की गई हैं।

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