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दहेज हत्या में पति को आजीवन कारावास

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उन्नाव। दहेज हत्या के मामले में न्यायाधीश ने महिला के पति को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वहीं सास, ससुर व ननद को दोष मुक्त कर दिया है।
पुरवा के रहने वाले कालीशंकर ने 2012 में बेटी नीतू की शादी बैगांव निवासी दीपक से की थी। पिता कालीशंकर का आरोप था कि शादी के बाद से दीपक और उनके अन्य घर वाले बेटी को दहेज के लिए प्रताड़ित कर मारपीट करते थे। 21 दिसंबर 2017 को उन्होंने उससे मारपीट की थी। इसके बाद हत्या कर शव को फंदे से लटका दिया था।
पिता की तहरीर पर पुलिस ने पति दीपक, सास, ससुर और ननद के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। मंगलवार को मुकदमे की सुनवाई पूरी हुई। शासकीय अधिवक्ता फौजदारी विनय शंकर दीक्षित की दलीलों को सुन न्यायाधीश ने पति दीपक को गैर इरादतन हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
साथ ही धारा 498ए में उसे तीन साल और दहेज प्रतिषेध अधिनियम में दो साल की सजा सुनाई। वहीं, सास, ससुर और ननद को दहेज हत्या में दोष मुक्त कर दिया। धारा 437ए में 20 हजार रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र 15 दिन में जमा करने का आदेश दिया।

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उन्नाव। दहेज हत्या के मामले में न्यायाधीश ने महिला के पति को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वहीं सास, ससुर व ननद को दोष मुक्त कर दिया है।

पुरवा के रहने वाले कालीशंकर ने 2012 में बेटी नीतू की शादी बैगांव निवासी दीपक से की थी। पिता कालीशंकर का आरोप था कि शादी के बाद से दीपक और उनके अन्य घर वाले बेटी को दहेज के लिए प्रताड़ित कर मारपीट करते थे। 21 दिसंबर 2017 को उन्होंने उससे मारपीट की थी। इसके बाद हत्या कर शव को फंदे से लटका दिया था।

पिता की तहरीर पर पुलिस ने पति दीपक, सास, ससुर और ननद के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। मंगलवार को मुकदमे की सुनवाई पूरी हुई। शासकीय अधिवक्ता फौजदारी विनय शंकर दीक्षित की दलीलों को सुन न्यायाधीश ने पति दीपक को गैर इरादतन हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

साथ ही धारा 498ए में उसे तीन साल और दहेज प्रतिषेध अधिनियम में दो साल की सजा सुनाई। वहीं, सास, ससुर और ननद को दहेज हत्या में दोष मुक्त कर दिया। धारा 437ए में 20 हजार रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र 15 दिन में जमा करने का आदेश दिया।



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