मुंबई। बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 75 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अभिनेता गोवा के डोना पाउला स्थित अपने घर पर बेहोशी की हालत में मिले थे। इसके बाद उन्हें आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ।
जानकारी के अनुसार, नाना पाटेकर को गंभीर कार्डियक अरेस्ट आया था। अस्पताल पहुंचने के बाद मेडिकल टीम ने करीब 45 मिनट तक CPR के जरिए उन्हें होश में लाने का प्रयास किया, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शुरुआती रिपोर्टों में अभिनेता की मौत की वजह कार्डियक अरेस्ट बताई जा रही है।
नाना पाटेकर भारतीय सिनेमा के उन चुनिंदा कलाकारों में शामिल रहे, जिन्होंने अपनी दमदार संवाद अदायगी और प्रभावशाली अभिनय से अलग पहचान बनाई। उन्होंने वर्ष 1978 में फिल्म ‘गमन’ से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी। हालांकि, 1986 में रिलीज हुई फिल्म ‘अंकुश’ से उन्हें बड़े स्तर पर पहचान मिली।
इसके बाद नाना पाटेकर ने ‘परिंदा’, ‘प्रहार’, ‘तिरंगा’, ‘क्रांतिवीर’ और ‘खामोशी’ जैसी फिल्मों में यादगार किरदार निभाए। उन्होंने अपने करियर में गंभीर भूमिकाओं के साथ-साथ नकारात्मक, एक्शन और कॉमिक किरदार भी बखूबी निभाए। फिल्म ‘परिंदा’ में गैंगस्टर की भूमिका ने नाना पाटेकर को खूब सराहना दिलाई। वहीं, ‘प्रहार’, ‘तिरंगा’ और ‘क्रांतिवीर’ जैसी फिल्मों में उनके अलग-अलग अंदाज ने दर्शकों के बीच उनकी मजबूत पकड़ बनाई।
नाना पाटेकर ने हिंदी सिनेमा के अलावा मराठी फिल्मों में भी उल्लेखनीय योगदान दिया। उनकी खास संवाद अदायगी, सहज अभिनय और किरदार को जीवंत करने की क्षमता ने उन्हें अपने दौर के सबसे प्रभावशाली अभिनेताओं में शामिल किया।लंबे फिल्मी करियर के दौरान उन्होंने कई ऐसी भूमिकाएं निभाईं, जिन्हें आज भी दर्शक याद करते हैं। अभिनय के साथ-साथ वह निर्देशन और सामाजिक मुद्दों पर अपनी बेबाक राय के लिए भी चर्चा में रहे।
नाना पाटेकर ने अपने दशकों लंबे करियर में हिंदी और मराठी सिनेमा को कई यादगार किरदार दिए। उनकी आवाज, संवाद बोलने का अंदाज और अभिनय की खास शैली ने उन्हें दूसरे कलाकारों से अलग पहचान दिलाई। उनके निधन से भारतीय सिनेमा ने एक ऐसे कलाकार को खो दिया है, जिसकी छाप आने वाली पीढ़ियों तक याद की जाएगी।








